BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : समाजसेवी शेख अली हुसैन बंदूकवाला का.. <<     WEATHER REPORT: MP में 24 घंटे भारी! 3 सिस्टम एक्टिव, 2 जिलों.. <<     KHABAR : 22वीं राष्ट्रीय मास्टर्स तैराकी.. <<     नीमच में नंबर-2 खेल मैदान बचाने की मुहिम तेज,.. <<     VIDEO NEWS: #नीमच _ की सड़कों से मंदसौर तक #सोनू _.. <<     CM मोहन यादव का अचानक दिल्ली दौरा! किसानों के.. <<     रामपुरा में शांति समिति की बैठक, त्योहारों.. <<     KHABAR : वक्फ कमेटी ने प्रस्तुत किया उपलब्धियों.. <<     BIG VIDEO: हॉस्टल के खाने में निकले जिंदा कीड़े!.. <<     KHABAR : कलेक्टर ऋजु बाफना ने आला उमरोद में शासकीय.. <<     खरगोन में UCC के खिलाफ मुस्लिम समाज का विरोध,.. <<     REPORT : महिला स्वयं सहायता समूहों के पीडीएस.. <<     शाजापुर में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात:.. <<     KHABAR : शाजापुर में ‘बहुजन भाईचारा बनाओ यात्रा’.. <<     NEWS : निंबाहेड़ा सेवा केंद्र पर रक्षाबंधन पर्व.. <<     BIG NEWS : एमपी में भारी बारिश का अलर्ट, 16 जिलों में.. <<     NEWS : निंबाहेड़ा में प्रस्तावित श्री खाटू श्याम.. <<     BIG VIDEO: Jamghat में मौत का खौफनाक खेल! ब्रेक फेल होते.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 22, 2026, 10:16 am
KHABAR : यूजीसी के विरोध में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, धार्मिक स्वतंत्रता व शरीयत कानूनों के संरक्षण की उठाई मांग, पढे़ रणधीर चंदेल की खबर

Share On:-

गुना। मध्य प्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला गुना के बैनर तले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूसीसी को संवैधानिक, विधिक और सामाजिक आधारों पर मौलिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए इसमें आवश्यक संशोधन और पुनर्विचार की मांग की गई है।


जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला गुना के अध्यक्ष व राघोगढ़ तहसील काजी आमिल मोहम्मद अनीस रहमानी और अब्दुल कादिर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में भारत एक बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश है जहाँ सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता और अपनी संस्कृति व पर्सनल लॉ के पालन का अधिकार देता है। संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि जब यूसीसी के दायरे से अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) और अन्य विशेष समूहों को उनकी परंपराओं के आधार पर बाहर रखा गया है तो यही सिद्धांत मुस्लिम पर्सनल लॉ पर भी लागू करते हुए मुस्लिम समुदाय को इससे पृथक रखा जाना चाहिए।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE