गुना। मध्य प्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला गुना के बैनर तले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूसीसी को संवैधानिक, विधिक और सामाजिक आधारों पर मौलिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए इसमें आवश्यक संशोधन और पुनर्विचार की मांग की गई है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला गुना के अध्यक्ष व राघोगढ़ तहसील काजी आमिल मोहम्मद अनीस रहमानी और अब्दुल कादिर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में भारत एक बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश है जहाँ सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता और अपनी संस्कृति व पर्सनल लॉ के पालन का अधिकार देता है। संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि जब यूसीसी के दायरे से अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) और अन्य विशेष समूहों को उनकी परंपराओं के आधार पर बाहर रखा गया है तो यही सिद्धांत मुस्लिम पर्सनल लॉ पर भी लागू करते हुए मुस्लिम समुदाय को इससे पृथक रखा जाना चाहिए।