चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के निंबाहेड़ा सेवा केंद्र पर रक्षाबंधन का पावन पर्व आध्यात्मिक भाव एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़ से पधारीं राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने उपस्थित भाई-बहनों को परमात्मा के महावाक्य सुनाए तथा रक्षाबंधन पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
बीके आशा दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच पवित्र संबंध एवं सुरक्षा के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आत्मा का सच्चा रक्षक परमपिता परमात्मा भोलानाथ हैं। परमात्मा के प्रेम और स्मृति में रहकर व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित एवं शक्तिशाली अनुभव कर सकता है।
रक्षाबंधन की प्रत्येक परंपरा में छिपा है आध्यात्मिक संदेश
उन्होंने रक्षाबंधन की परंपराओं का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि बहन भाई को पहले तिलक लगाती है, फिर रक्षा सूत्र बांधती है और मिठाई खिलाती है। इसके बाद भाई बहन को खर्ची देता है। इन सभी परंपराओं का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि हम शरीर नहीं, बल्कि ज्योति-बिंदु स्वरूप आत्मा हैं। इसलिए सदैव आत्म-स्मृति का तिलक लगाए रखना चाहिए।
रक्षा सूत्र बांधने का अर्थ परमात्मा के प्रेम और स्मृति के बंधन में बंधकर स्वयं को सुरक्षित अनुभव करना है। मुख मीठा कराने का संदेश है कि जीवन में मधुरता का गुण धारण करें और सभी के प्रति प्रेम एवं सहयोग की भावना रखें।
उन्होंने कहा कि परमात्मा को खर्ची के रूप में हमें अपने जीवन की किसी कमी, कमजोरी, बुराई अथवा अवगुण का त्याग करने का संकल्प देना चाहिए। यदि कोई ऐसा अवगुण है, जिससे स्वयं को या दूसरों को दुख पहुंचता है, तो रक्षाबंधन के अवसर पर उसे हमेशा के लिए छोड़ने का संकल्प लेना चाहिए।
बीके आशा दीदी ने कहा कि इस आध्यात्मिक भावना के साथ रक्षाबंधन मनाने से व्यक्ति सभी के प्रति स्नेही एवं सहयोगी बन सकता है और परमात्मा शिव की स्मृति से प्रत्येक आत्मा के प्रति रक्षक एवं कल्याणकारी भावना विकसित होती है।
प्रतिज्ञा पत्र के माध्यम से दिलाई प्रतिज्ञा-
कार्यक्रम में निंबाहेड़ा सेवा केंद्र प्रभारी बीके शिवली दीदी ने उपस्थित सभी भाई-बहनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने माउंट आबू से प्राप्त प्रतिज्ञा पत्र के माध्यम से उपस्थित लोगों को सद्गुण अपनाने एवं जीवन से बुराइयों को दूर करने की प्रतिज्ञा भी दिलाई।
कार्यक्रम में निंबाहेड़ा के समाजसेवी भोपाल सिंह बोडाना, सीमा बहन, प्रमिला बहन, एकता मराठा, विजय बैरवा सहित नगर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं बड़ी संख्या में भाई-बहन उपस्थित रहे।