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August 22, 2026, 11:09 am
REPORT : महिला स्वयं सहायता समूहों के पीडीएस विक्रेताओं के कमीशन में कटौती बंद करने की मांग, 2022 में निर्धारित 10,500 मासिक कमीशन बहाल करने की मांग, प्रदेश अध्यक्ष माया मनोहर बैरागी ने शासन को भेजा ज्ञापन, पढ़े दिनेश वीरवाल की खबर

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नीमच। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के विक्रेताओं के कमीशन में की गई कटौती को तत्काल बंद कर पूर्व निर्धारित राशि बहाल करने की मांग उठाई गई है। महिला स्वयं सहायता समूह संगठन मध्यप्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती माया मनोहर बैरागी ने कहा कि कमीशन में लगातार कटौती के कारण प्रदेश की हजारों महिला PDS विक्रेताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बैरागी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के 22 जनवरी 2022 के आदेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 200 से अधिक राशन कार्ड वाली उचित मूल्य दुकान के लिए 10,500 प्रतिमाह कमीशन निर्धारित किया गया था। इसी आधार पर महिला स्वयं सहायता समूहों को PDS दुकानें आवंटित की गई थीं। उनका कहना है कि बाद में कमीशन राशि में चरणबद्ध तरीके से कटौती की गई।

उन्होंने बताया कि 18 नवंबर 2025 के आदेश में राशन कार्डों की संख्या के आधार पर कमीशन को घटाकर 200 से अधिक कार्ड वाली दुकान के लिए 8,345, 200 से कम कार्ड वाली दुकान के लिए 5,500 तथा अंशकालिक विक्रेता के लिए 3,000 प्रतिमाह कर दिया गया।

दुकान संचालन के खर्च के साथ काम का बढ़ा बोझ-
महिला स्वयं सहायता समूह संगठन का कहना है कि PDS विक्रेताओं को शासन के निर्देशानुसार रविवार को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दुकान खोलकर राशन वितरण सहित अन्य कार्य करने पड़ते हैं। इसके बावजूद कम कमीशन मिलने से दुकान का संचालन करना कठिन हो गया है।

महिला विक्रेताओं को इसी कमीशन में दुकान का किराया, बिजली बिल, स्टेशनरी, आवागमन सहित अन्य खर्च भी वहन करने पड़ते हैं। संगठन ने प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर तौल कार्य के लिए अतिरिक्त सहायक की नियुक्ति की मांग भी की है, ताकि महिला विक्रेताओं पर कार्य का अतिरिक्त भार कम हो सके।

सहकारी दुकानों के विक्रेताओं की तरह अतिरिक्त कमीशन देने की मांग-
बैरागी ने कहा कि सेवा सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 3,000 अतिरिक्त कमीशन की वृद्धि का लाभ दिया गया था। उन्होंने मांग की कि इसी प्रकार का लाभ महिला स्वयं सहायता समूहों की PDS महिला विक्रेताओं को भी दिया जाए।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं की उचित मूल्य दुकानों के सेल्समैन और महिला स्वयं सहायता समूहों की विक्रेताएं लगभग समान जिम्मेदारियां निभाती हैं। ऐसे में कमीशन के मामले में दोनों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

10,500 मासिक कमीशन बहाल करने की मांग
महिला स्वयं सहायता समूह संगठन मध्यप्रदेश ने प्रदेश की हजारों महिला विक्रेताओं की ओर से शासन से मांग की है कि वर्ष 2022 में निर्धारित 10,500 प्रतिमाह कमीशन को पुनः बहाल किया जाए। साथ ही वर्तमान में की गई कमीशन कटौती को तत्काल रोका जाए और महंगाई एवं कार्यभार को देखते हुए कमीशन में उचित वृद्धि की जाए।

संगठन ने कहा कि महिला विक्रेताएं राशन वितरण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रही हैं। उनकी मेहनत, समय और जिम्मेदारी को देखते हुए उन्हें सम्मानजनक एवं न्यायसंगत कमीशन मिलना आवश्यक है।

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