मनासा। लायंस क्लब मनासा के सेवा प्रकल्प के तहत अंचल का 164वां नेत्रदान संपन्न हुआ। भाटखेड़ी टिकाना निवासी स्वर्गीय कौशलेन्द्र सिंह चंद्रावत के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान का पुनीत निर्णय लेकर मानव सेवा की अनुकरणीय मिसाल पेश की।
स्वर्गीय चंद्रावत के नेत्रदान से दो जरूरतमंद दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में नई रोशनी आने की संभावना बनी है। परिजनों के इस संवेदनशील एवं प्रेरणादायी निर्णय पर लायंस क्लब मनासा के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके इस पुनीत कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
नेत्रदान की प्रक्रिया गीता भवन ट्रस्ट के सहयोग से पूर्ण की गई। इस अवसर पर लायंस क्लब मनासा के सदस्य, स्वर्गीय चंद्रावत के परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील-
लायंस क्लब मनासा ने आमजन से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद भी नेत्रदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला लाया जा सकता है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को दृष्टि का उपहार मिलने की संभावना रहती है। समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।