नीमच। जिले के कनावटी निवासी राजेश बैरागी ने ग्राम चीताखेड़ा में जमीन विवाद को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदन में उन्होंने जमीन विवाद के दौरान धमकी, पैसों की मांग और कथित मारपीट के आरोप लगाए हैं। साथ ही जीरन पुलिस द्वारा उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
राजेश बैरागी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2023 में ग्राम चीताखेड़ा स्थित सर्वे नंबर 1503 की करीब 10 बीघा कृषि भूमि खरीदी थी। इसके बाद जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। उनका आरोप है कि उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकियां दी गईं तथा विवाद के दौरान उनसे पैसों की मांग की गई। उनका कहना है कि उनके द्वारा कुछ राशि देने के साथ जमीन पर बाड़ा भी बनाकर दिया गया, इसके बावजूद कथित रूप से लगातार पैसों की मांग की जाती रही।
जेसीबी लेकर जमीन पर पहुंचे तो पथराव का आरोप-
आवेदन में 7 अगस्त 2026 की घटना का उल्लेख करते हुए राजेश बैरागी ने बताया कि वे कृषि कार्य के लिए अपनी जमीन पर जेसीबी लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से उनके, मजदूरों और जेसीबी पर पत्थर फेंके गए तथा धमकी दी गई।
राजेश बैरागी का दावा है कि पूरी घटना का वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उनका मेडिकल भी कराया गया, लेकिन अधिक दर्द होने के कारण वे तत्काल शिकायत नहीं कर सके।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल-
राजेश बैरागी ने जीरन पुलिस द्वारा उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि शिकायतकर्ता घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थीं और पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में उन्होंने कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।
फिलहाल मामला जमीन विवाद, कथित पथराव एवं पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।