चित्तौड़गढ़। स्पिक मैके के अंतर्गत बड़ीसादड़ी क्षेत्र के दो राजकीय विद्यालयों में कुचिपुड़ी नृत्य की कार्यशालाएं आयोजित की गईं। कार्यशालाओं में अंतरराष्ट्रीय कुचिपुड़ी कलाकार राजश्री होल्ला ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न विधाओं और मुद्राओं से परिचित कराया।
स्पिक मैके के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जे.पी. भटनागर ने बताया कि पहली कार्यशाला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गरदाना में आयोजित हुई। इस दौरान राजेश कुमार, रियाज अहमद, भाग्यश्री पुरोहित, लक्ष्मण झाला, मिथुन एवं जगदीश राठौर सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
दूसरी कार्यशाला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुनावली में हुई। यहां नारायण लाल पुरोहित, देवराज मीणा, राजू कुमारी, हरिओम योगी, मदन लाल मेनारिया एवं छोगालाल मेघवाल उपस्थित रहे।
कलाकार राजश्री होल्ला ने 'शिव तरंगम' की प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को कुचिपुड़ी नृत्य की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने 'तिल्लाना' में थाली पर नृत्य प्रस्तुत किया तथा कदना-कुटू कला की जानकारी दी। विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित कर उनके साथ नृत्य भी किया गया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की मुद्राओं का महत्व समझाते हुए अनुशासन, समर्पण और भारतीय संस्कृति के ज्ञान के महत्व पर चर्चा की गई। कलाकार ने कुचिपुड़ी नृत्य की उत्पत्ति एवं विकास की जानकारी देने के साथ नाट्य आरंभ श्लोक, चतुर्वेद पर अभिनय तथा अंगिका पद, बेड़ा एवं हस्तम के मूल स्वरूप की प्रस्तुतियां दीं।
स्पिक मैके समन्वयक दिनेश हसीजा ने बताया कि शनिवार को पहली प्रस्तुति निंबाहेड़ा क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसा में सुबह 9:30 बजे तथा दूसरी प्रस्तुति राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मांगरोल में सुबह 11 बजे आयोजित होगी।