रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया एवं जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पाण्डेय ने शुक्रवार को पिपलौदा में निर्माणाधीन सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य, उपयोग की जा रही सामग्री एवं विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सितंबर तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश-
कलेक्टर कटेसरिया ने पीडब्ल्यूडी भवन के कार्यपालन यंत्री सचिन हरित को निर्देश दिए कि अस्पताल के सभी शेष निर्माण कार्य सितंबर माह में पूर्ण कर लिए जाएं तथा अक्टूबर में भवन को पूरी तरह हैंडओवर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह में अस्पताल की शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने अस्पताल भवन के अंदर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में उपयोग की गई एलईडी, वायरिंग सहित अन्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की और अधिकारियों से निर्माण कार्य एवं सामग्री के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की कमी शेष है तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
सीएमएचओ करेंगे व्यवस्थाओं का परीक्षण-
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पताल को हैंडओवर करने से पहले सभी व्यवस्थाओं, उपकरणों और सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया जाए, ताकि अस्पताल शुरू होने के बाद मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और सभी लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डिजिटल अस्पताल के रूप में विकसित होगा सिविल अस्पताल-
कलेक्टर कटेसरिया ने बताया कि सिविल अस्पताल पिपलौदा को पूरी तरह डिजिटल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां मरीजों की पर्ची, उपचार संबंधी रिकॉर्ड, दवाइयों सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक मरीज की आभा आईडी भी बनाई जाएगी, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखा जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, जावरा एसडीएम रचना शर्मा, तहसीलदार पिंकी साठे सहित संबंधित अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।