चित्तौड़गढ़। विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुगम पर्यटन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस ने लपकों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, क्यूआरटी एवं थाना कोतवाली की स्पेशल टीम ने दुर्ग क्षेत्र में सघन चेकिंग, गश्त और निगरानी की। अभियान के दौरान बिना लाइसेंस गाइडिंग करते पाए गए 8 व्यक्तियों को डिटेन किया गया।
पुलिस टीम ने ओछड़ी गेट, पांडन पोल, व्यू प्वाइंट, सूरजपोल और रामपोल सहित दुर्ग के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी। इस दौरान ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो बिना वैध लाइसेंस अथवा अनुमति के पर्यटकों को गाइड करने के साथ उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे थे।
सुनसान क्षेत्रों में भी गश्त-
पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ दुर्ग के एकांत एवं कम आवाजाही वाले क्षेत्रों में भी विशेष गश्त की। यहां शराब का सेवन करने वाले लोगों, संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटकों की सुरक्षा प्राथमिकता-
एसपी श्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। पर्यटकों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। पर्यटकों से अनावश्यक रूप से पैसे मांगने, बिना लाइसेंस गाइडिंग करने, परेशान करने या अन्य असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान लगातार रहेगा जारी-
पुलिस के अनुसार दुर्ग की गरिमा और पर्यटकों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और क्यूआरटी द्वारा नियमित गश्त एवं निगरानी की जाएगी।
पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी गाइड की सेवाएं लें। जबरन गाइडिंग, अवैध वसूली, परेशान करने या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। अभियान के दौरान बिना लाइसेंस गाइडिंग करते पाए गए 8 व्यक्तियों को डिटेन किया गया।