उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने परियोजना कार्य में गंभीर तकनीकी त्रुटियां पाए जाने पर जल संसाधन विभाग के उपयंत्री अमित कुमार कुर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर पीडब्ल्यूडी सिंहस्थ विंग के उपयंत्री मलय श्रीवास्तव के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में संभागायुक्त सिंह ने विभिन्न विभागों के निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना की समीक्षा के दौरान पंप हाउस में कॉलम कास्टिंग के समय बार्स को मोड़कर एलाइनमेंट मिलाने जैसी गंभीर तकनीकी त्रुटियां सामने आईं। गुणवत्ता मानकों के पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संभागायुक्त ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
बैठक में उज्जैन-मक्सी फोरलेन मार्ग के निर्माण में देरी पर कंसलटेंट को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। संभागायुक्त ने कहा कि सिंहस्थ से जुड़े सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं में भू-अर्जन से जुड़े मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही थर्ड पार्टी निरीक्षण के लिए नियुक्त एजेंसी को आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराने को कहा।
संभागायुक्त ने निर्माण सामग्री के नमूनों की नियमित जांच तथा गुणवत्ता नियंत्रण की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन, नमामि शिप्रा, विद्युत वितरण कंपनी, पुलिस हाउसिंग, पर्यटन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, भवन विकास निगम, लोक निर्माण विभाग, सिंहस्थ डिवीजन, सेतु, राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क विकास निगम सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट, नगर निगम अपर आयुक्त संतोष टेगोर, उप मेला अधिकारी संदीप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।