उज्जैन। महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग क्षेत्र में शनिवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने 16 मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और मंदिर के लिए बनाई जा रही टनल के रास्ते में बाधा बन रहे इन मकानों को हटाया गया। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत यह कार्रवाई की गई। इन मकानों की लीज करीब 15 साल पहले समाप्त हो चुकी थी। हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।
शनिवार सुबह करीब 8 बजे बेगमबाग में लोग घरों से बाहर निकले तो उन्हें मौके पर भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला और नगर निगम की जेसीबी-पोकलेन मशीनें तैनात मिलीं। इसके बाद मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। अधिकारियों के मुताबिक, इनका लीज शर्तों के विपरीत व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।
यह उज्जैन विकास प्राधिकरण की इस क्षेत्र में छठी कार्रवाई है। कार्रवाई के दौरान यूडीए, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम के 50 से अधिक कर्मचारी तैनात रहे। 7 पोकलेन, 4 जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मकानों को हटाया गया।
72 मकान पहले हटाए जा चुके
यूडीए के सीओ संदीप सोनी ने बताया कि सिंहस्थ से पहले शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है। इस मार्ग पर इससे पहले भी 72 मकान हटाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिन मकानों पर शनिवार को कार्रवाई हुई, उनकी लीज करीब 15 साल पहले समाप्त हो चुकी थी। मामला न्यायालय में लंबित था, लेकिन हाल ही में स्टे समाप्त होने के बाद कार्रवाई की गई।
यूडीए की बेशकीमती जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला उज्जैन विकास प्राधिकरण की बेशकीमती जमीन से जुड़ा है। वर्ष 2014-15 में इन भूखंडों की लीज अवधि समाप्त हो गई थी, लेकिन उनका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
यूडीए ने बेगमबाग में 45 भूखंड, प्रत्येक 2400 वर्गफीट, 30 साल की लीज पर केवल आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। आरोप है कि भूखंड धारकों ने लीज शर्तों का उल्लंघन कर इनका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया। साथ ही 45 प्लॉटों को छोटे हिस्सों में बांटकर करीब 90 इमारतें खड़ी कर दी गईं।