खरगोन। निमाड़ी दिवस के अवसर पर शनिवार को खंडवा रोड स्थित वृक्षतीर्थ मेहरजा में अखिल निमाड़ लोक परिषद का वार्षिक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में निमाड़ के साहित्य, कला, संस्कृति एवं संगीत के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने निमाड़ी भाषा को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर प्रयास तेज करने और आम बोलचाल में निमाड़ी भाषा के अधिक से अधिक उपयोग का आह्वान किया। पद्म भूषण से सम्मानित जगदीश जोशीला ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य निमाड़ी भाषा और निमाड़ी संस्कृति को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि निमाड़ क्षेत्र में निमाड़ी लोगों की मातृभाषा है और घर-घर में इसका बोलचाल के रूप में इस्तेमाल होता है। इसके बावजूद निमाड़ी को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इस मांग को लेकर साहित्यकारों और सामाजिक संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन और पत्राचार किए जा चुके हैं।
जगदीश जोशीला ने कहा कि लंबे समय से कागजी कार्रवाई के बावजूद मांग पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। ऐसे में अब इस मांग को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं। सम्मेलन के दौरान जन निमाड़, जय निमाड़ी के नारों से परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम में निमाड़ की कला, साहित्य और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। सम्मेलन में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और निमाड़ी भाषा-संस्कृति से जुड़े लोग मौजूद रहे।