BREAKING NEWS
KHABAR : मेरे सपनों का भारत को रंगों और शब्दों में.. <<     BIG NEWS : मंदसौर में 50 लाख से अधिक की एमडी ड्रग्स और.. <<     BIG NEWS : दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली, बढ़ेगा सिंचाई.. <<     KHABAR : समूह से मिली आर्थिक मजबूती, आटा चक्की को.. <<     KHABAR : सेवा संकल्प अभियान के तहत देवरी खवासा.. <<     BIG NEWS : गांधीसागर के जंगल में फिर अचानक बढ़ी हलचल,.. <<     BIG NEWS : नीमच में मेंटेनेंस के नाम पर बड़ा पावर कट,.. <<     ‘छात्रों की गूंज’ में बड़वानी के युवाओं की.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : निःशुल्क पार्किंग में 24 घंटे में दो बाइक.. <<     BIG NEWS : बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे उत्तराखंड.. <<     NEWS : महेंद्र कपूर की पुण्यतिथि पर सजेगी सुरों.. <<     इंदौर में राहुल गांधी का शक्ति प्रदर्शन!.. <<     KHABAR : छात्रों की गूंज में गूंजेगी बड़वानी के.. <<     KHABAR : तराना में बालरंग प्रतियोगिता का स्थान.. <<     KHABAR : सनातन ध्वज और संतों का सान्निध्य, स्वामी.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 19, 2026, 6:28 pm
BIG NEWS : गांधीसागर के जंगल में फिर अचानक बढ़ी हलचल, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सहित कई अधिकारी पहुंचे मौके पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संभावित दौरे ने बढ़ाई उत्सुकता, चीता परियोजना पर टिकी नजर, पढ़े अजय सिंह सिसौदिया के साथ शेख ईसाक की खबर 

Share On:-

रामपुरा। गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य एक बार फिर चीता परियोजना को लेकर चर्चा के केंद्र में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 20 सितंबर को रामपुरा क्षेत्र स्थित गांधीसागर फॉरेस्ट एरिया के संभावित दौरे की चर्चा के बीच प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र में पहुंचकर व्यवस्थाओं और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री के दौरे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि गांधीसागर में चीता परियोजना के विस्तार को लेकर चल रही तैयारियों के बीच अधिकारियों की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार गांधीसागर में कूनो से एक और मादा चीता लाए जाने की तैयारी चल रही है।

गांधीसागर में तीन चीते मौजूद-
गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य को देश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार के प्रमुख केंद्रों में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अनुसार अप्रैल 2025 में कूनो से नर चीते प्रभास और पावक को गांधीसागर लाया गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में मादा चीता धीरा को भी यहां स्थानांतरित किया गया। सितंबर 2026 की हालिया रिपोर्ट के अनुसार गांधीसागर में वर्तमान में ये तीन चीते मौजूद हैं और चौथी अफ्रीकी मादा चीता लाने की तैयारी है।

नई मादा चीता लाने की तैयारी-
मध्यप्रदेश वन विभाग के अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार गांधीसागर के लिए कूनो से एक मादा चीता भेजे जाने की संभावना है। इसके लिए दक्षिण अफ्रीका की निर्वा या बोत्सवाना मूल की किसी युवा मादा चीता के नाम पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अंतिम चयन और स्थानांतरण को लेकर निर्णय अभी स्पष्ट नहीं है। नई मादा चीता को गांधीसागर लाने का उद्देश्य यहां चीता आबादी के विस्तार और अलग-अलग आनुवंशिक पृष्ठभूमि वाले चीतों के माध्यम से भविष्य की आबादी को मजबूत करना भी बताया जा रहा है।

प्रजनन पर भी फोकस-
गांधीसागर में चीता परियोजना का अगला चरण केवल चीतों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सफल प्रजनन के जरिए स्थायी आबादी विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। सितंबर 2026 की रिपोर्टों में गांधीसागर में नई मादा चीता लाने की तैयारी को इसी व्यापक लक्ष्य से जोड़कर देखा गया है। देश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार के साथ गांधीसागर को कूनो के बाद महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार परियोजना का उद्देश्य उपयुक्त क्षेत्रों में चीतों की व्यवहार्य मेटापॉपुलेशन स्थापित करना और घासभूमि एवं खुले वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण को बढ़ावा देना है।

गांधीसागर क्यों है अहम?
गांधीसागर में चीता परियोजना के विस्तार को केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा बनाया गया है। वर्ष 2025 में यहां चीतों को स्थानांतरित किया गया और परियोजना के अगले चरण में अन्य संभावित क्षेत्रों को भी विकसित करने की योजना सामने आई। चीता संरक्षण के साथ गांधीसागर क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन की संभावनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। ऐसे में यहां चीता संरक्षण, जैव विविधता और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

दौरे को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं-
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 20 सितंबर को गांधीसागर आने की चर्चा के बीच प्रशासनिक तैयारियां और अधिकारियों का क्षेत्र का निरीक्षण सामने आया है। हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित दौरे के रूप में ही देखा जा रहा है। गांधीसागर में चीता परियोजना के विस्तार और नई मादा चीता के संभावित आगमन के बीच मुख्यमंत्री का दौरा होता है तो परियोजना के अगले चरण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जुड़े विषयों पर चर्चा की संभावना रहेगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE