रतलाम। जिले के ग्राम अमलेटा की रहने वाली निर्मला कटारिया शिव शक्ति आजीविका मिशन समूह से जुड़कर अपने पारंपरिक व्यवसाय को नई दिशा दे रही हैं। समूह की 10 महिला सदस्यों में शामिल निर्मला पिछले कई वर्षों से आटा चक्की का संचालन कर गेहूं पीसने का कार्य कर रही हैं।
समूह से जुड़ने के बाद निर्मला ने अपनी आटा चक्की को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्हें 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मिली, जिसका उपयोग उन्होंने आटा चक्की में आवश्यक सुधार करने तथा नए पत्थर लगवाने में किया। इसके बाद उनकी आटा चक्की को नया रूप मिला और काम में भी बढ़ोतरी हुई। वर्तमान में वे आटा चक्की के माध्यम से सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपए की आमदनी अर्जित कर रही हैं।
निर्मला बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत करने की आदत विकसित हुई और आर्थिक रूप से भी काफी लाभ मिला है। समूह के माध्यम से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी आमदनी से परिवार की जरूरतें पूरी होने के साथ ही उनके चार बच्चे भी अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बच्चों को सांदीपनि विद्यालय योजना का लाभ भी मिल रहा है।
निर्मला का सपना अब अपने व्यवसाय को और बड़ा करने का है। वे आटे की पैकिंग शुरू करना चाहती हैं, ताकि लोगों को घर बैठे पैक्ड आटा उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही वे अपने उत्पाद को आजीविका मार्ट में भी रखने की योजना बना रही हैं, जिससे उनके उत्पाद को नया बाजार मिलेगा और आमदनी बढ़ाने के अवसर प्राप्त होंगे। भविष्य में वे किराने की दुकान शुरू करने की भी इच्छुक हैं।
निर्मला कहती हैं कि “आजीविका मिशन समूह से जुड़कर मुझे बहुत अच्छा लगा। समूह के माध्यम से बचत भी हो रही है और व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद भी मिल रही है। अब मेरा सपना है कि अपनी दुकान को और बड़ा करूं और पैकिंग का काम शुरू करूं।”
वे महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों से उनके जैसी अनेक महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।