चित्तौड़गढ़। मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए बजट में की गई घोषणाओं की शीघ्र क्रियान्विति की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान पर राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद की जिला शाखा चित्तौड़गढ़ ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों की लंबित मांगों का जल्द निराकरण करने की मांग की गई।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राकेश सुखवाल ने बताया कि मंत्रालयिक संवर्ग की लंबित मांगों और बजट सत्र में की गई घोषणाओं पर अब तक अमल नहीं होने से कर्मचारियों में रोष और निराशा है। उन्होंने कहा कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर मंत्रालयिक कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
ज्ञापन में मंत्रालयिक कर्मचारियों का ग्रेड-पे संशोधित कर उन्हें सचिवालय कार्मिकों के समान करने, अंतिम पदोन्नति के बाद उपनिदेशक (प्रशासनिक) और वरिष्ठ उपशासन सचिव के नए पद सृजित करने, कार्मिकों के समर्पित अवकाश पर लगी अघोषित रोक हटाने तथा पांच माह बाद भी ईसीएस नहीं होने से लंबित भुगतानों का निस्तारण करने की मांग की गई। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
इस दौरान मुकेश कोठारी, रोशनलाल रेगर, राजेश स्वामी, कपिल यादव, समीर जाखड़, योगेश शर्मा, प्रवीण कुमार, मंजु देवी जायसवाल, अनिशा मीणा, नरेंद्र कुमार सोनी, नितेश कुमार लाड, कुलदीप मीणा, सतीश यादव, घनश्याम व्यास सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।