खरगोन। क्षत्रिय भावसार समाज की 408 वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा माता के खप्पर उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भावसार मोहल्ला स्थित श्री सिद्धनाथ महादेव मंदिर परिसर में समाजजन प्रतिदिन रात्रि में पारंपरिक गरबियों का अभ्यास कर रहे हैं।
समिति के नरेंद्र भावसार मुनीम, राजू भावसार और सोनू बादशाह ने बताया कि शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर माता अंबे और महानवमी पर माता महाकाली का खप्पर निकाला जाता है। इस दौरान मिरदिंग, झांझ-मंजीरों की संगत में पारंपरिक गरबियां गाई जाती हैं।
समाजजन उत्साह के साथ अभ्यास में जुटे हैं। इस परंपरा के माध्यम से नई पीढ़ी को समाज की धार्मिक आस्था, विशिष्ट गायन शैली और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।