देवास। नवरात्रि के पावन पर्व पर मां जगदंबा की भक्ति और अटूट आस्था का अद्भुत नजारा देवास में देखने को मिला। सूरज क्लब के तत्वावधान में तोड़ी मल्हार रोड से निकलने वाली ऐतिहासिक भव्य चुनरी यात्रा इस वर्ष भी पूरे उत्साह, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में निकाली गई। पिछले 29 वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को भक्तों ने एक बार फिर पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ आगे बढ़ाया।
चुनरी यात्रा तोड़ी चौराहे से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई माता टेकरी पहुंची, जहां मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी को श्रद्धापूर्वक चुनरी अर्पित की गई। माता रानी के दर्शन और चुनरी अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। पूरा वातावरण मां के जयकारों और भक्ति गीतों से भक्तिमय हो उठा।
यात्रा में ढोल-ताशे, बैंड-बाजे, डीजे और आकर्षक अखाड़े श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे। मातृशक्ति ने गरबा करते हुए मां की भक्ति में अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वहीं, बड़ी संख्या में शामिल श्रद्धालु जय माता दी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। शहर के विभिन्न स्थानों पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह उमड़ी भीड़ ने श्रद्धालुओं के उत्साह और मां के प्रति उनकी अटूट आस्था को दर्शाया।
इस वर्ष चुनरी यात्रा का मुख्य आकर्षण सूरज क्लब परिवार द्वारा निकाली गई भगवान जगन्नाथ जी की भव्य और आकर्षक झांकी रही। झांकी के दर्शन के लिए मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आकर्षक सजावट और धार्मिक स्वरूप ने यात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए।
सूरज क्लब के संस्थापक निरपेश चौहान ने बताया कि चुनरी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां के प्रति श्रद्धा, विश्वास और सामूहिक आस्था का प्रतीक है। पिछले 29 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाना क्लब परिवार के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उनका उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां भी इस धार्मिक परंपरा से जुड़ी रहें और मां की भक्ति एवं संस्कृति की यह ज्योत निरंतर प्रज्वलित होती रहे।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर निकली चुनरी यात्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मां के प्रति भक्तों की आस्था समय के साथ और भी प्रगाढ़ होती जा रही है। भक्ति, उल्लास और श्रद्धा से सराबोर इस यात्रा ने देवास की धार्मिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की।