नीमच। जिले में इस वर्ष कम वर्षा को देखते हुए उपलब्ध जल संसाधनों का नियोजित एवं समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिवाजी सागर तालाब, मालखेड़ा तालाब सहित जिले के अन्य जलाशयों में उपलब्ध जल की स्थिति, सिंचाई की आवश्यकताओं और औद्योगिक इकाइयों में जल उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पेयजल उपलब्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने, जल की बर्बादी रोकने और तालाबों से अवैध पंपिंग पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए।
सांसद सुधीर गुप्ता ने जल उपयोग की प्राथमिकताएं तय करने पर दिया जोर-
सांसद सुधीर गुप्ता ने निर्देश दिए कि उपलब्ध जल का उपयोग सर्वप्रथम पेयजल, इसके बाद सिंचाई और फिर औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जाए। उन्होंने कम पानी में अधिक लाभ देने वाली फसलों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। इसके लिए जिले में प्रचलित फसल चक्र का आकलन कर ऐसी फसलों को बढ़ावा देने की बात कही, जिनमें पानी की खपत कम हो और उत्पादकता व बाजार मूल्य के आधार पर किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके।
उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को फसलों की लागत, संभावित उत्पादन, बाजार मूल्य और अनुमानित आर्थिक लाभ की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए किसान संगोष्ठियों का आयोजन कर कम जल खपत वाली लाभकारी फसलों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही तालाबों से अवैध रूप से पानी निकालने के मामलों में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने जल की बर्बादी रोकने के दिए निर्देश-
जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने जल निगम को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों सहित जिले में पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए नियमित निगरानी की जाए। जहां भी पानी की बर्बादी या लीकेज की समस्या सामने आए, उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने अवैध पंपिंग रोकने और औद्योगिक जल उपयोग की जांच के दिए निर्देश-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शिवाजी सागर, मालखेड़ा सहित जिले के सभी तालाबों में उपलब्ध जल के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तालाबों से पंपिंग कर कुओं में पानी डालने और उसके माध्यम से औद्योगिक इकाइयों को पानी उपलब्ध कराने के मामलों की जांच करने को कहा। ऐसे मामलों में संबंधित किसानों के अनुबंधों की जांच कर नियमानुसार निरस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम, नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) तथा जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्रियों को अवैध पंपिंग पर प्रभावी रोक लगाने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
औद्योगिक इकाइयों के जल उपयोग का ब्योरा तैयार होगा-
बैठक में जिले की जल उपयोग करने वाली औद्योगिक इकाइयों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसमें उनके जल स्रोत, स्वीकृत जल मात्रा और निर्धारित उपयोग सीमा का विवरण संकलित किया जाएगा, ताकि जल के उपयोग पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री को निर्देश दिए गए कि तालाबों से अवैध पंपिंग के लिए विद्युत कनेक्शन का दुरुपयोग पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अवैध पंपिंग में प्रयुक्त अस्थायी विद्युत कनेक्शनों को नियमों के अनुसार विच्छेदित करने और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। किसानों को अस्थायी विद्युत कनेक्शन फसल एवं सिंचाई की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप ही उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बीज-उर्वरक की गुणवत्ता और नगरीय जलापूर्ति पर भी जोर-
कलेक्टर ने बीज एवं उर्वरक विक्रेताओं द्वारा अमानक या गलत कृषि आदानों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
साथ ही सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा लीकेज या अन्य कारणों से होने वाली पानी की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल संसाधनों के संरक्षण, पेयजल उपलब्धता बनाए रखने, सिंचाई व्यवस्था के नियोजन और औद्योगिक जल उपयोग पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित-
बैठक में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, मनासा विधायक प्रतिनिधि आनंद श्रीवास्तव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, एसडीएम पराग जैन, मनासा एसडीएम मयुरी जोक, जावद की प्रभारी एसडीएम श्रुति भायडिया सहित समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।