नीमच। पशुपालकों को पौष्टिक हरा चारा उपलब्ध कराने और पशुओं के बेहतर पोषण प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, नीमच द्वारा ग्राम पालसोड़ा में क्लस्टर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत 25 पशुपालकों को जई की उन्नत किस्म ‘केंट’ के मिनीकिट निःशुल्क वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को रबी मौसम में दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक हरे चारे की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जई का हरा चारा प्रोटीन सहित आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे पशुओं के आहार में शामिल करने से उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार के साथ दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को जई की समय पर बुवाई, बीज दर, उर्वरक प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से कटाई करने की जानकारी भी दी। साथ ही संतुलित पशु आहार एवं बेहतर पशु पोषण प्रबंधन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. ए.आर. धाकड़ ने पशु पोषण में हरे चारे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पशुपालकों को ‘गौरस ऐप’ के माध्यम से संतुलित पशु आहार संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
जिले में 1,517 मिनीकिट वितरित-
जिले में हरा चारा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न माध्यमों से पशुपालकों को मिनीकिट वितरित किए जा रहे हैं। इसके तहत आत्मा परियोजना के माध्यम से 186, सीएसआर के माध्यम से 1,000, विभागीय स्तर पर 306 तथा कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से 25 मिनीकिट वितरित किए गए हैं। इस प्रकार जिले में कुल 1,517 मिनीकिट का वितरण किया जा चुका है।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पचौरी, डॉ. एस.एस. सारंगदेवोत, डॉ. पी.एस. नरूका, डॉ. जी.पी. सिंह, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. ए.आर. धाकड़, पशु चिकित्सालय पालसोड़ा के डॉ. के. मालवीय सहित जनपद एवं ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।