चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, गंगरार के तत्वावधान में शुक्रवार को LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और उन्हें उपलब्ध विधिक सेवाओं के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता राखी राव, पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) देवकन्या शर्मा तथा बार काउंसिल गंगरार के अध्यक्ष कमलेश कुमार शर्मा ने संबोधित किया। वक्ताओं ने LGBTQIA+ समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और समानता, सम्मान व समावेशिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय भी समाज का अभिन्न हिस्सा है और इसके सदस्यों को शिक्षा, रोजगार तथा स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में समान अवसर मिलने चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता के बढ़ने से समाज की पुरानी रूढ़िवादी सोच में बदलाव आ रहा है। ट्रांसजेंडर समुदाय के कई सदस्य डॉक्टर, वकील, पुलिस सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता के दम पर पहचान बना रहे हैं।
शिविर में उपस्थित अधिवक्ताओं ने सामाजिक भेदभाव समाप्त करने, ट्रांसजेंडर समुदाय के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा रूढ़िवादी सोच और मानसिक भेदभाव को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर गंगरार के ट्रांसजेंडर समुदाय की मठाधीश रेखा बुआ जी भी उपस्थित रहीं। शिविर के आयोजन को सफल बनाने में तालुका सचिव ओमप्रकाश मीणा, पैनल अधिवक्ता राखी राव, बार काउंसिल गंगरार के अध्यक्ष कमलेश कुमार शर्मा तथा PLV देवकन्या शर्मा का योगदान रहा।