भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश समेत देश के 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके तहत 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद नागरिक 11 दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे। सभी दावों और आपत्तियों का निराकरण करने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिला निर्वाचन अधिकारियों को 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। नागरिकों से प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना, छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ना और सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना है।
पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं पर विशेष जोर
आयोग ने 1 जनवरी 2027 को पात्रता की स्थिति के आधार पर मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इसके अतिरिक्त 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 की आगामी पात्रता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जा सकेंगे।
यह अभियान मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार, असम, गोवा, केरल, मणिपुर, पंजाब, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में चलाया जाएगा।
जहां SIR की प्रक्रिया जारी, वहां बाद में आएगा कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां SSR का कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाएगा। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए पुनरीक्षण की तारीखें तय की जाएंगी।
आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम और विवरण अवश्य जांच लें। नाम छूटने या किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।