नीमच। जिले में इस वर्ष कम वर्षा को देखते हुए उपलब्ध जल संसाधनों का नियोजित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिवाजी सागर और मालखेड़ा तालाब सहित जिले के अन्य जलाशयों में उपलब्ध पानी, सिंचाई की जरूरतों और औद्योगिक जल उपयोग को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों को जल संरक्षण, अवैध पंपिंग पर रोक और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अवैध पंपिंग रोकने के दिए निर्देश-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने निर्देश दिए कि शिवाजी सागर, मालखेड़ा सहित जिले के सभी तालाबों से पानी का उपयोग उपलब्ध जल के अनुरूप किया जाए। तालाबों से पंपिंग कर कुओं में पानी डालने और इसके माध्यम से औद्योगिक इकाइयों को जल उपलब्ध कराने के मामलों की जांच की जाए। संबंधित किसानों के अनुबंधों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
सभी एसडीएम, नगरीय निकायों के सीएमओ और जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्रियों को अवैध पंपिंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। जिले की औद्योगिक इकाइयों की सूची तैयार कर उनके जल स्रोत, स्वीकृत मात्रा और उपयोग सीमा का विवरण भी संकलित किया जाएगा।
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि अवैध पंपिंग में बिजली कनेक्शन का दुरुपयोग पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अस्थायी विद्युत कनेक्शन फसल और सिंचाई की वास्तविक जरूरत के अनुसार ही उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही बीज एवं उर्वरक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अमानक सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। नगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की निगरानी कर लीकेज और अन्य कारणों से होने वाली पानी की बर्बादी रोकने पर भी जोर दिया गया।
सांसद सुधीर गुप्ता ने जल उपयोग की प्राथमिकताएं तय करने पर दिया जोर-
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि उपलब्ध जल का उपयोग सबसे पहले पेयजल, इसके बाद सिंचाई और फिर औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कम पानी में बेहतर उत्पादन और अधिक आर्थिक लाभ देने वाली फसलों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को फसलों की लागत, संभावित उत्पादन, बाजार मूल्य और आर्थिक लाभ की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए किसान संगोष्ठियां आयोजित कर कम जल खपत वाली लाभकारी फसलों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। तालाबों से अवैध रूप से पानी निकालने के मामलों में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
पेयजल की बर्बादी रोकने के निर्देश-
जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने जल निगम को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों सहित जिले में पेयजल की बर्बादी पर नियमित निगरानी रखी जाए। कहीं भी पानी की बर्बादी या लीकेज की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए जल संसाधनों के संरक्षण, पेयजल उपलब्धता, सिंचाई व्यवस्था और औद्योगिक जल उपयोग के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय से कार्य करने पर जोर दिया गया।
बैठक में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, मनासा विधायक प्रतिनिधि आनंद श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, एसडीएम पराग जैन, मनासा एसडीएम मयुरी जोक, जावद की प्रभारी एसडीएम श्रुति भायडिया सहित समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।