इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था, जमीन सौदों और चुनाव प्रक्रिया (ईवीएम -वीवीपीएटी ) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर इसकी जिम्मेदारी ‘रामालय ट्रस्ट’ को सौंपने की मांग की है।
राम मंदिर ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितता के आरोप
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे, निर्माण कार्यों के खर्च और चढ़ावे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में जमीन के सौदों और बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
रामालय ट्रस्ट को सौंपने की मांगरू उन्होंने मांग की कि वर्तमान राम जन्मभूमि ट्रस्ट को भंग किया जाए और मंदिर संचालन की जिम्मेदारी शंकराचार्यों, निर्माेही अखाड़े और अन्य धार्मिक प्रतिनिधियों वाले ‘रामालय ट्रस्ट’ को सौंपी जाए। साथ ही, राजनीति से जुड़े लोगों को ट्रस्ट में पद न देने की बात कही।
ईवीएम और वीवीपीएटी पर सवालः चुनावी व्यवस्था पर हमला बोलते हुए उन्होंने ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वीवीपीएटी की पर्ची मतदाता को दी जानी चाहिए ताकि वह उसे बैलेट बॉक्स में डाल सके, और मशीनों के सॉफ्टवेयर को सार्वजनिक किया जाए।
मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रियाः मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों से पुराने दस्तावेज मांगकर नाम काटने की प्रक्रिया की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए।