खरगोन। जिले के कसरावद के निमरानी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मराल ओवरसीज कंपनी के पिछले हिस्से से दुर्गंधयुक्त, केमिकल मिले पानी की निकासी का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि यह पानी नालों के जरिए नर्मदा नदी तक पहुंच सकता है, जिससे जलीय जीवों, किसानों की फसलों और पर्यावरण पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इंदौर-खरगोन मार्ग के नाले में पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब पाइप के जरिए पीछे की ओर निकासी की जा रही है। मामले में ईटीपी प्लांट की कार्यप्रणाली और पानी की गुणवत्ता की जांच कर नमूने लेने की मांग उठ रही है।
कंपनी प्रबंधक का जवाब मराल कंपनी के प्रबंधक मनोज ठक्कर ने कहा, “मैं बाहर हूं, मीटिंग में हूं। पानी कहां से निकल रहा है, मुझे कोई जानकारी नहीं है।” अब देखना होगा कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग मौके पर जांच कर क्या कार्रवाई करता है।