जावरा। सालों का इंतजार, व्यापार में मंदी, बंद होती दुकानें और रोज के जाम से जूझते व्यापारियों की सहनशीलता के बाद आखिरकार रविवार को जावरा को बड़ी सौगात मिल गई। रेलवे फाटक क्रमांक 177 पर बने अंडरब्रिज का शुभारंभ हो गया।
लेकिन यह शुभारंभ अपने आप में अनोखा रहा। यहां न तो कोई भव्य राजनीतिक मंच सजा था, न ही सांसद, विधायक या किसी मंत्री के हाथों फीता काटने की औपचारिकता हुई। इस अंडरब्रिज का फीता उन व्यापारियों और वरिष्ठ नागरिकों ने काटा, जिन्होंने फाटक बंद होने के बाद सबसे ज्यादा दर्द झेला।
जब फाटक बंद हुआ तो इस क्षेत्र का व्यापार उजड़ गया था। आवागमन बंद होने से कई दुकानों पर ताले लग गए और व्यापारी आर्थिक रूप से टूट गए। ऐसे में उन्हीं लोगों के हाथों उद्घाटन कराना एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सांसद डॉ. सुधीर गुप्ता ने ही निर्देश दिए थे कि लोकार्पण आम व्यापारियों और वरिष्ठ नागरिकों के हाथों कराया जाए। इसी निर्देश के बाद परंपरागत प्रोटोकॉल को दरकिनार कर स्थानीय स्तर पर यह निर्णय लिया गया।
दर्शक दीर्घा में बैठे दिखे नेता
आमतौर पर करोड़ों रुपये की योजनाओं के लोकार्पण में जनप्रतिनिधि सेंटर स्टेज पर होते हैं, लेकिन रविवार को नजारा उल्टा था। फीता व्यापारी काट रहे थे और भाजपा के कई पदाधिकारी व नेता दर्शक दीर्घा में बैठकर तालियां बजा रहे थे। इस दृश्य ने शहर में विकास के साथ-साथ श्रेय की राजनीति पर भी बहस छेड़ दी है।
शुभारंभ के बाद रेलवे अधिकारियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। इसके बाद नेता पैदल और दुपहिया वाहनों से अंडरब्रिज से होकर निकले।
इस दौरान सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, जिला महामंत्री महेश सोनी, मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा, अनिल धारीवाल, डॉ. दिलीप शाकल्य, अभय कोठारी, देवेन्द्र शर्मा, शिवेन्द्र माथुर, वीरेन्द्रसिंह चौहान, पार्षद तेजसिंह कदम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।