गुना। सार्वजनिक श्री रामलीला एवं दशहरा पर्व समिति, पुरानी गल्ला मंडी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के बारहवें दिन विभीषण शरणागति और रामेश्वर स्थापना की लीला का मंचन किया गया।
मंचन के दौरान विभीषण ने अपने भाई लंकापति रावण को समझाया कि वह माता सीता को ससम्मान भगवान श्रीराम को लौटा दे और उनकी शरण में चला जाए। लेकिन रावण ने क्रोधित होकर विभीषण का अपमान किया और उन्हें लंका से निकाल दिया।
इसके बाद विभीषण भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचे, जहां प्रभु श्रीराम ने उन्हें स्वीकार करते हुए लंका का राजा घोषित किया। इसी क्रम में समुद्र तट पर रामेश्वर स्थापना की लीला का भी मंचन किया गया।