बोरदा। नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत बोरदा ने नारी सम्मान और विकास को एक साथ जोड़कर अनूठी पहल की। ग्राम पंचायत द्वारा जनपद पंचायत निधि से स्वीकृत श्री बालाजी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य का भूमि-पूजन रविवार को विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन की खास बात यह रही कि भूमि-पूजन किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी के बजाय माता रानी के स्वरूप मानी जाने वाली नौ कन्याओं के हाथों कराया गया।
नारी शक्ति के सम्मान का संदेश-
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि नवरात्रि का पर्व नारी शक्ति और देवी आराधना का प्रतीक है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य की शुरुआत नौ कन्याओं के हाथों कराने का निर्णय लिया गया। इस पहल के माध्यम से समाज में बेटियों के सम्मान और उनके महत्व का संदेश देने का प्रयास किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमि-पूजन
भूमि-पूजन स्थल को फूल-मालाओं से सजाया गया था। शुभ मुहूर्त में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं कन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीफल अर्पित कर तथा कलश स्थापना के साथ निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ और ‘जय श्री बालाजी’ के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सदस्य, सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।
मंदिर परिसर में होंगे विकास कार्य-
ग्राम पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत निधि से मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने, रंग-रोगन, विद्युत सज्जा, शेड निर्माण तथा श्रद्धालुओं के बैठने के लिए चबूतरा बनाने जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद मंदिर परिसर अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
विकास के साथ सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा-
ग्राम पंचायत बोरदा की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना भी जरूरी है। नौ कन्याओं के हाथों भूमि-पूजन कराकर पंचायत ने बेटियों के सम्मान और नारी शक्ति के महत्व का संदेश दिया। यह पहल विकास के साथ सामाजिक जागरूकता को जोड़ने का उदाहरण बनी।