रीवा। विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में शस्त्र पूजन किया। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विधि-विधान से शस्त्रों का पूजन किया। इस दौरान संभागायुक्त शीलेंद्र सिंह, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे यहां शस्त्र पूजन की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। शस्त्र पूजन शक्ति, साहस और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कहा- शस्त्र पूजन का विशेष महत्व
डिप्टी सीएम ने कहा कि भारतीय परंपरा में विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। इसे शक्ति और पराक्रम के सम्मान के साथ अन्याय के खिलाफ खड़े होने के संकल्प से भी जोड़कर देखा जाता है। पुलिस विभाग के लिए यह आयोजन कर्तव्य, अनुशासन और सुरक्षा की जिम्मेदारी का प्रतीक है।
मध्यप्रदेश सरकार की ओर से इस वर्ष विजयादशमी पर प्रदेश के सभी जिलों में शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में शस्त्र पूजन किया, जबकि उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल रीवा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने ग्वालियर में शस्त्र पूजन किया।
प्रदेश के 31 जिलों में मंत्रियों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि शेष 24 जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली। विजयादशमी भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक है। इस पर्व पर शस्त्र पूजन के जरिए शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का संदेश दिया जाता है।