गरोठ/मंदसौर। मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के पठार क्षेत्र के चार गांवों में मलेरिया फैलने से ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। क्षेत्र में दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। हालांकि, मलेरिया विभाग ने दोनों बच्चों की मौत का कारण मलेरिया होने की अभी पुष्टि नहीं की है।
दो बच्चों की मौत, 30 से अधिक लोग बीमार-
जानकारी के अनुसार, छोटी कोदड़ी निवासी सुमित मीणा की 10 अक्टूबर को मंदसौर में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि यश मीणा ने इंदौर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। छोटी कोदड़ी, बड़ी कोदड़ी और कातना सहित प्रभावित गांवों में मंगलवार को भी 30 से अधिक लोग बीमार थे। ग्रामीणों के अनुसार, बीमार लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। छोटी कोदड़ी में लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बीमार बताया जा रहा है।
स्थिति की जानकारी लेने के लिए एसडीएम राहुल चौहान और तहसीलदार मुकेश निगम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
घर-घर जांच, फॉगिंग और दवाइयों का छिड़काव-
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर भेरूलाल सिसोदिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग के साथ दवाइयों का छिड़काव भी कराया जा रहा है। विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
सफाई व्यवस्था पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल-
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। नालियों के अभाव में जगह-जगह पानी जमा रहता है, जिससे मच्छरों के पनपने और बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने गांवों में सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
पंचायत ने फॉगिंग और छिड़काव कराने की बात कही-
ग्राम पंचायत सचिव नरवर सिंह ने बताया कि पंचायत की ओर से लगातार फॉगिंग मशीन चलवाई जा रही है और दवाइयों का छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण घरों के आसपास लंबे समय तक पानी जमा रहता है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को इस संबंध में लगातार समझाइश दी जा रही है।