नीमच। शहर में विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। दशहरा उत्सव समिति के तत्वावधान में दशहरा मैदान पर आयोजित मुख्य समारोह में 51 फीट ऊंचे रावण तथा 41-41 फीट ऊंचे कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। भगवान श्रीराम की शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची, जहां अतिथियों की उपस्थिति में पुतला दहन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए और जयकारों के बीच बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया।
यह रहे मुख्य अतिथि-
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक दिलीप सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, समाजसेवी नीरज अरोरा, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया तथा जगदीश कंस्ट्रक्शन के सुमित सिंघोनिया उपस्थित रहे।
रावण की झपकती पलकें और हिलते हाथ-पैर बने आकर्षण-
इस बार रावण के पुतले में विशेष यांत्रिक व्यवस्थाएं की गई थीं। उसकी पलकें झपकने, हाथ-पैर हिलने और मुंह खुलने जैसी खूबियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं। रावण की नाभि में विशेष चकरी भी चलाई गई। पुतलों का निर्माण नीमच सिटी की जामा मस्जिद के पास रहने वाले मझहर हुसैन और उनके परिवार ने किया। परिवार के सदस्यों ने कई दिनों की मेहनत से रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार किए।
पुतला दहन से पहले हुई रंगारंग आतिशबाजी-
पुतला दहन से पहले रंगारंग आतिशबाजी, कालिका माता की परिक्रमा और स्वांगधारियों की प्रस्तुतियों ने उत्सव का माहौल बनाया। विभिन्न स्वांगधारियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। दर्शकों की सुविधा के लिए दो मेगा स्क्रीन पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया।
स्व. अविनाश अरोरा की स्मृति में स्वांगधारियों को पुरस्कार-
दशहरा उत्सव समिति की ओर से स्वांगधारियों को प्रोत्साहित करने के लिए नकद पुरस्कारों की व्यवस्था की गई। स्व. अविनाश अरोरा गंगानगर की स्मृति में समाजसेवी नीरज अरोरा गंगानगर की ओर से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले स्वांगधारी को 5,100 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वाले को 3,100 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 2,100 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। वहीं अन्य सभी स्वांगधारियों को 500-500 रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा।
पुलिस लाइन में विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन
विजयादशमी के अवसर पर नीमच पुलिस लाइन में भी शस्त्र पूजन की परंपरा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निभाई गई। इस दौरान शस्त्रों और पुलिस वाहनों का पूजन कर जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई। पंडित घनश्याम शास्त्री के मंत्रोच्चार के बीच पूजन, हवन और प्रतीकात्मक कद्दू बलि की परंपरा संपन्न हुई। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, विधायक दिलीप सिंह परिहार, भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। शस्त्र पूजन के माध्यम से पुलिस ने शक्ति के साथ कर्तव्य, जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर जिले में शांति, सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने की कामना की गई।
मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू-
शारदीय नवरात्रि पर्व के समापन के साथ ही शहर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला भी शुरू हो गया। माता रानी की विदाई के भावुक अवसर पर श्रद्धालु ढोल-ढमाकों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते तथा जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थलों तक पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां दुर्गा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर से आगमन की कामना की। प्रतिमा विसर्जन के लिए नगर पालिका परिषद नीमच की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं। निर्धारित विसर्जन स्थलों पर नगर पालिका के कर्मचारी तैनात रहे, जिन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिमाएं प्राप्त कर निर्धारित जलकुंडों में उनका विधिवत एवं सम्मानपूर्वक विसर्जन करवाया। प्रतिमा विसर्जन के लिए गोमाबाई रोड स्थित संजीवनी तालाब और जयसिंहपुरा रोड स्थित शिव घाट पर व्यवस्था की गई। वहीं, बड़ी प्रतिमाओं सहित आसपास के क्षेत्रों की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जाजू सागर बांध पर इंतजाम किए गए।
भक्तों ने नम आंखों से दी माता रानी को विदाई-
नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं ने नम आंखों और जयकारों के बीच माता रानी को विदाई दी। इस तरह नीमच में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन, स्वांगधारियों का सम्मान, पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन और मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ धार्मिक परंपराओं, आस्था और सामाजिक सहभागिता का संगम देखने को मिला।