खरगोन। न्याय की अन्याय पर, सदाचार की दुराचार पर, धर्म की अधर्म पर, गर्व की अहंकार पर, अच्छाई की बुराई पर, सत्य की असत्य पर और अंधकार पर उजाले के विजय का प्रतीक विजय दशमी का पर्व मंगलवार को उत्सवी माहौल में मनाया गया। नवग्रह मेला मैदान पर बने 51 फीट ऊंचे महाकाय रावण के पुतले पर भगवान श्रीराम ने जैसे ही अग्निबाण चलाया, अहंकारी रावण पलभर में ही धुं-धुंकर जल उठा। रावण के जलते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। इसके पूर्व रंगारंग आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही। प्रशासनिक स्तर पर रावण दहन का मुख्य आयोजन नवग्रह मेला मैदान पर हुआ। इसके अलावा शहर के फत्तू माली धर्मशाला, यमूना कुंज कॉलोनी, कुंदा नगर, नूतन नगर, ज्योति नगर, विद्युत नगर, आनंद नगर में अट्टाहास किए अपने अहंकार को दर्शा रहे रावण पुतले को जैसे ही श्रीराम का अग्निबाण नाभि में लगा, अहंकार चुर-चुर हो गया। अलग-अलग समय पर हुए रावण दहन के दौरान पल भर में विशालकाय पुतला धूं-धूंकर जल उठा। दहन से रंगारंग आतिशबाजी कर लोगो का मनोरंजन किया गया। रावण दहन के बाद बधाईयों का दौर शुरु हुआ। देररात तक दशहरा मिलने के लिए लोग एक दूसरे के घर आवाजाही करते रहे।