मंदसौर। विजयादशमी के अवसर पर मध्यप्रदेश के सभी जिलों में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय सनातन संस्कृति में शस्त्र-पूजन की परंपरा शक्ति के विवेकपूर्ण उपयोग, निर्बलों की रक्षा, धर्म एवं न्याय की स्थापना और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश देती है।
विजयादशमी का पर्व सत्य की असत्य पर विजय और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने के संकल्प का प्रतीक है। इसी सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सम्मान की भावना को अभिव्यक्त करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शस्त्र-पूजन किया। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने ग्वालियर, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में शस्त्र-पूजन किया। बैतूल में वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों ने किया शस्त्र-पूजन
प्रदेश के अन्य जिलों में भी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। खंडवा में मंत्री विजय शाह, धार में कैलाश विजयवर्गीय, नरसिंहपुर में प्रहलाद सिंह पटेल, जबलपुर में राकेश सिंह, सीहोर में करण सिंह वर्मा, मंडला में संपतिया उइके, देवास में तुलसीराम सिलावट, मुरैना में एदल सिंह कंषाना, झाबुआ में निर्मला भूरिया, सागर में गोविंद सिंह राजपूत, भोपाल में कैलाश विश्वास सारंग, दतिया में नारायण सिंह कुशवाह, अलीराजपुर में नागरसिंह चौहान, भिंड में राकेश शुक्ला और शाजापुर में इंदरसिंह परमार ने शस्त्र-पूजन किया।
इसी क्रम में विदिशा में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, दमोह में धर्मेंद्र सिंह लोधी, अनूपपुर में दिलीप जायसवाल, राजगढ़ में गौतम टेटवाल, कटनी में लखन पटेल और आगर-मालवा में नारायण सिंह पवार ने कार्यक्रम में भाग लिया।
रायसेन में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सतना में प्रतिमा बागरी, छतरपुर में दिलीप अहिरवार और सिंगरौली में राधा सिंह ने शस्त्र-पूजन किया। शेष जिलों में कलेक्टरों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रदेशभर में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से शस्त्र-पूजन की परंपरा, शक्ति के सदुपयोग, धर्म एवं न्याय की रक्षा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया गया।