उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन राजनीति, अध्यात्म और तीखे बयानों का संगम देखने को मिला। कनीपुरा से शुरू हुई यात्रा देवनखेड़ी ताजपुर में पड़ाव के बाद ग्राम सिंदुरिया की ओर आगे बढ़ी। एक हजार किलोमीटर से अधिक लंबी इस पदयात्रा में आयोजकों के अनुसार 2200 से ज्यादा पंजीकृत यात्री शामिल हैं।
यात्रा के दौरान मीडिया के सवालों पर दिग्विजय सिंह का बयान चर्चा में रहा। यात्रा के असर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “जो लोग बेशर्म होंगे, उन्हें इस यात्रा से फर्क पड़ेगा और जिनमें शर्म नहीं है, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।” उनके इस बयान के बाद यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
अमृता राय ने बारिश को बताया शिव का आशीर्वाद
यात्रा की आधिकारिक प्रवक्ता अमृता राय ने कहा कि यात्रा का प्रभाव क्या होगा, इसका आकलन जनता और श्रद्धालु स्वयं करेंगे। उन्होंने बीती रात हुई बारिश को भगवान शिव का गंगा स्वरूप आशीर्वाद बताया। यात्रा मार्ग पर रथ, कलश और डीजे की धुन के साथ आगे बढ़ते श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया।
तय नारों के साथ आगे बढ़ रही यात्रा
आयोजन के दौरान दिग्विजय सिंह ने निर्देश दिए कि यात्रा में केवल निर्धारित दो नारे ही लगाए जाएं। यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कांग्रेस नेताओं और राजस्थान से पहुंचे नाथ समाज के पदाधिकारियों की मौजूदगी भी रही। आयोजकों के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य सनातन परंपरा और स्वाभिमान से जुड़े विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। पदयात्रा अब उज्जैन जिले की तराना विधानसभा क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।