भोपाल। मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी की है। पार्टी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक गांव-गांव चौपाल लगाकर ग्रामीण मतदाताओं को उनके मतदान अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी। अभियान के तहत मतदाता सूचियों की जांच कराई जाएगी और जिन वैध मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिलेंगे, उन्हें दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया में मदद की जाएगी।
गांवों में चौपाल, मतदाता सूची की होगी जांच
कांग्रेस कार्यकर्ता गांवों और बूथ स्तर पर चौपाल आयोजित करेंगे। इन चौपालों में मतदाता सूची दिखाकर लोगों से अपने और परिवार के सदस्यों के नाम जांचने की अपील की जाएगी। नाम गायब मिलने पर संबंधित दस्तावेज जुटाकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन भरवाने की योजना है। इसके साथ ही जागरूकता पर्चों के जरिए मतदाताओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।
दिल्ली में रैली और ‘दिल्ली चलो’ यात्रा की तैयारी
कांग्रेस के इस अभियान के बीच दिल्ली में भी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की संयुक्त रैली आयोजित करने की तैयारी है। वहीं, 25 और 26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ यात्रा के जरिए भी शक्ति प्रदर्शन की योजना है। मध्य प्रदेश कांग्रेस इन कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि पार्टी अब पीछे हटने वाली नहीं है। मध्य प्रदेश के गांवों तक पहुंचकर वोट चोरी के मुद्दे पर जनता को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए केंद्र सरकार पर लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
वहीं, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने कहा कि कांग्रेस के अभियान से भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कांग्रेस को पहले अपने जनाधार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस झूठ और भ्रम की राजनीति करती है और जनता के बीच खोया विश्वास वापस पाने के लिए उसे जमीनी स्तर पर काम करना होगा।
अब इस अभियान के जरिए कांग्रेस गांव-गांव तक अपने मुद्दे को कितना प्रभावी बना पाती है और भाजपा इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।