इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए एक बड़ा साझा सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) यानी ब्लैक कैट कमांडोज और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने शहर के तीन संवेदनशील व प्रमुख स्थानों—डेली कॉलेज, एयरपोर्ट और ऐतिहासिक राजवाड़ा पर आतंकवादियों के हमले से निपटने की काल्पनिक स्थिति पर एक हाई-वोल्टेज मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
डेली कॉलेज में 6 घंटे चला ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’
इस विशेष सुरक्षा अभियान के तहत सबसे लंबा और गहन अभ्यास शहर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज परिसर में किया गया, जो करीब 5 से 6 घंटे तक लगातार चला। इस मॉक ड्रिल के तहत कॉलेज परिसर में कुछ आतंकवादियों द्वारा लोगों को बंधक बनाए जाने का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया था। सूचना मिलते ही आधुनिक हथियारों से लैस एनएसजी कमांडोज ने पूरी इमारत को चारों तरफ से घेर लिया। कमांडोज ने स्मोक बम (धुएं के गोले) का इस्तेमाल कर धुएं की आड़ में भवन के अंदर प्रवेश किया और बंधकों को पूरी कुशलता के साथ सुरक्षित बाहर निकालने के ऑपरेशन को अंजाम दिया।
एयरपोर्ट और राजवाड़ा पर भी परखी गई सुरक्षा
डेली कॉलेज के अलावा सुरक्षा एजेंसियों ने शहर के अन्य महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी अपनी तैयारियों की समीक्षा की। इंदौर एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन पर आतंकवादियों के हमले और यात्रियों को बंधक बनाए जाने की स्थिति का पूर्वाभ्यास किया गया, जहाँ एजेंसियों ने आपातकालीन स्थिति में तुरंत मोर्चा संभालने की अपनी क्षमता को परखा। इस हाई-वोल्टेज ड्रिल के तहत शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र में भी कमांडो टीम ने कड़े सुरक्षा पहरे के बीच गश्त कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पुलिस कमिश्नर ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
इस सफल और व्यापक मॉक ड्रिल के बाद इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने सुरक्षा इंतजामों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के इस पावन माहौल में शहर की सुरक्षा और आम नागरिकों की रक्षा के लिए पुलिस और तमाम केंद्रीय व स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।