चित्तौड़गढ़। कोतवाली चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घर से लापता 15 वर्षीय बालक को बूंदी जिले के हिंडोली टोल नाके से सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस टीम ने चित्तौड़गढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर बालक की तलाश की। आवश्यक पूछताछ के बाद बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
स्कूल नहीं जाने पर मां की डांट का था डर-
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर 2026 को एक महिला ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके दोनों बेटे 14 अक्टूबर को घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे, लेकिन स्कूल से फोन आने पर पता चला कि दोनों बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। महिला तलाश करते हुए शंकरगट्टा पहुंची, जहां उसके दोनों बेटे आश्रम के पास मिले। इसी दौरान 15 वर्षीय बड़ा बेटा मां को देखकर साइकिल लेकर वहां से चला गया। काफी तलाश करने के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर महिला ने पुलिस से मदद मांगी।
100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले
मामले में प्रकरण दर्ज कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा एवं पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी रजनीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने चित्तौड़गढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान बालक बस्सी टोल नाके से साइकिल पर कोटा हाईवे की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित मार्ग पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच करते हुए तलाश जारी रखी।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने बालक को बूंदी जिले के हिंडोली टोल नाके से सकुशल दस्तयाब कर लिया।
स्कूल नहीं जाने पर डांट के डर से छोड़ा था घर-
पुलिस पूछताछ में बालक ने बताया कि स्कूल नहीं जाने के कारण मां की डांट पड़ने के डर से वह साइकिल लेकर घर से निकल गया था। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
यह रही पुलिस टीम-
इस कार्रवाई में कोतवाली थानाधिकारी रजनीश कुमार, एएसआई प्रकाश चंद्र, हेड कांस्टेबल चंद्रकरण तथा कांस्टेबल राजेश और प्रहलाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।