चित्तौड़गढ़। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर सख्ती दिखाई है। जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देश पर गुरुवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक समिति कक्ष में अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) राजलक्ष्मी गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधारात्मक कार्यों, सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावी क्रियान्विति और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
ब्लैक स्पॉट पर सात दिन में देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट
बैठक में गत बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों को प्रत्येक सप्ताह कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों पर किए गए सुधारात्मक कार्यों की अद्यतन रिपोर्ट आगामी सात दिवस में उपलब्ध कराने को कहा।
इसके साथ ही प्रतिमाह होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की सूची संबंधित पुलिस अधिकारियों और उपखंड अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम समयबद्ध तरीके से उठाए जा सकें।
ई-डार पोर्टल के आंकड़ों से होगा दुर्घटनाओं का विश्लेषण
बैठक में ई-डार पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सड़क दुर्घटनाओं की माहवार और समयवार समीक्षा की गई। दुर्घटनाओं के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर संबंधित सड़कों और स्थलों पर आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से करवाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
हाईवे से ग्रामीण सड़कों तक सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने पर जोर
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड और ग्रामीण सड़कों पर आवश्यक सुधार कार्य करवाने के निर्देश दिए गए। सड़क उपयोगकर्ताओं को सतर्क करने के लिए उचित स्थानों पर सूचना एवं चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ रिफ्लेक्टिव साइन और रिफ्लेक्टिव टेप की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा आवारा पशुओं पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि रात के समय वाहन चालकों को पशु दूर से दिखाई दे सकें और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
संबंधित विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी, निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सार्वजनिक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग एवं स्थानीय खंड, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, आई-रेड तथा पुलिस विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।