नीमच। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं हितग्राहियों को मिल रहे लाभों का जायजा लेने के क्रम में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने ग्राम जवासा स्थित मालवीय कृषि फार्म के कस्टम हायरिंग केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की गतिविधियों, उपलब्ध कृषि यंत्रों तथा किसानों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
24.87 लाख रुपये की लागत से स्थापित हुआ केंद्र
कस्टम हायरिंग केंद्र के संचालक राकेश मालवीय ने बताया कि केंद्र की स्थापना के लिए कुल 24 लाख 87 हजार 556 रुपये की लागत से 11 कृषि यंत्र खरीदे गए। इस पर उन्हें 8 लाख 56 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जबकि शेष राशि के लिए भारतीय स्टेट बैंक की रेवली-देवली शाखा से ऋण लिया गया।
किराये पर उपलब्ध हैं आधुनिक कृषि यंत्र
केंद्र के माध्यम से किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, प्लाऊ, सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल, जीरो टिल मशीन, स्प्रे पंप, ट्रॉली और पावर हैरो सहित विभिन्न कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों को खेती के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण आसानी से मिल रहे हैं। साथ ही, उन्हें महंगे कृषि यंत्र खरीदने के लिए बड़ी पूंजी निवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
स्वरोजगार और आय वृद्धि का बन रहा माध्यम
केंद्र संचालक राकेश मालवीय के अनुसार, कस्टम हायरिंग केंद्र से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 3 से 4 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है। यह केंद्र कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और आय वृद्धि का माध्यम भी बन रहा है।
आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता से किसानों को खेती के कार्य समय पर पूरा करने और कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल रही है। इस प्रकार कस्टम हायरिंग केंद्र किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम पराग जैन, उपसंचालक कृषि कल्याण विभाग नगीन सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।