जबलपुर। मध्य प्रदेश के शिक्षकों और अध्यापक संवर्ग के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को वर्ष 2006 से छठे वेतनमान का लाभ देने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि तय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया, तो स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर जवाब देना होगा।
मिलेगा 10 साल के एरियर्स और वेतन वृद्धि का लाभ
यह पूरा मामला राज्य के लगभग 70 हजार शिक्षकों से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब इन 70 हजार शिक्षकों को साल 2006 से छठे वेतनमान के एरियर्स (बकाया राशि) और वेतन वृद्धि का लाभ मिलने की पूरी उम्मीद बढ़ गई है। प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से लंबित इस मामले में शिक्षकों को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है।
सुप्रीम कोर्ट में भी खा चुकी है पटखनी
गौरतलब है कि इस मामले में राज्य सरकार पहले ही सर्वाेच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में पटखनी खा चुकी है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन, गत 24 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था।
अदालत की सख्ती का सामना करना पड़ेगा
सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद भी जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो शिक्षकों की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह कड़ा निर्देश जारी किया है। अब सबकी निगाहें अगले 4 हफ्तों पर टिकी हैं कि क्या शासन स्तर पर इस आदेश का पालन करते हुए शिक्षकों को उनका हक दिया जाता है या प्रशासन को अदालत की सख्ती का सामना करना पड़ेगा।