मंदसौर-नीमच। केंद्र सरकार द्वारा अफीम नीति 2026-27 जारी किए जाने के बाद अफीम उत्पादक किसानों में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंसीलाल गुर्जर ने नई नीति का स्वागत करते हुए किसानों को बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।
सांसद गुर्जर ने बताया कि वर्ष 1998-99 से 2003-04 तक कम औसत के कारण लाइसेंस से वंचित हुए कुछ किसानों के लिए भी सीपीएस पद्धति के तहत लाइसेंस जारी करने का प्रावधान किया गया है। वहीं लुनाई-चिराई पद्धति के पात्र किसानों के लिए 4.4 किलोग्राम मार्फिन औसत का मानदंड रखा गया है। इससे कम औसत वाले पात्र किसानों को सीपीएस श्रेणी में लाइसेंस दिए जाने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि नई नीति में पात्र किसानों के लिए पांच वर्ष तक के लाइसेंस का प्रावधान भी शामिल है, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता और नियमों का पालन करते रहें। सांसद ने किसानों से अपील की कि वे अफीम खेती से जुड़े सभी नियमों और शर्तों का पालन करें तथा अपनी पात्रता एवं लाइसेंस संबंधी जानकारी केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि अफीम की खेती से जीवनरक्षक दवाइयों के निर्माण में मदद मिलती है। किसानों को मेहनत और पूरी जिम्मेदारी के साथ खेती करते हुए सरकार के नियमों का पालन करना चाहिए।