विदिशा। न्याय, समानता और अधिकारों की मांग को लेकर आज विदिशा जिले में सर्व समाज एकता मंच के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन किया गया। यूजीसी के प्रावधानों और जाति आधारित कानूनों के विरोध में निकाले गए इस मार्च को शहर के व्यापारियों का भी भरपूर समर्थन मिला, जिसके चलते व्यापारियों ने अपने बाजार बंद रखे। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जाति आधारित कानूनों में आर्थिक आधार को प्राथमिकता दी जाए और यूजीसी के नियमों में आवश्यक बदलाव किए जाएं।
कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ जब कलेक्ट्रेट की तरफ कूच कर रही थी, तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर रखी थी और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया।
सरकार पर लगाए समाज को बांटने के आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार नए-नए कानून लाकर समाज में आपसी मतभेद बढ़ाने और लोगों को बांटने का काम कर रही है। उनका कहना था कि कानून ऐसे होने चाहिए, जिसमें सभी के लिए न्याय और समानता सुनिश्चित हो और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव न किया जाए।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि वे पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, ऐसे में उन्हें रोकने के लिए इस तरह के बल का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए था। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।