छतरपुर। छतरपुर जिले के सटई नगर में डॉक्टरों के शासकीय आवास पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जर्जर घोषित किए गए आवासों को नगर परिषद ने ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
विधायक ने कार्रवाई को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा है। साथ ही दोषियों के खिलाफ तीन दिवस के भीतर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
वहीं, पूरे मामले में सटई नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते हुए नगर परिषद का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के शासकीय आवास पीडब्ल्यूडी द्वारा पहले ही जर्जर घोषित किए जा चुके थे और इन्हें गिराने के आदेश भी जारी हो चुके थे। छतरपुर कलेक्टर के दिशा-निर्देशों के पालन में ही नगर परिषद द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ध्वस्त किए गए भवनों में वर्तमान में किसी भी डॉक्टर का निवास नहीं था और सभी आवास पूरी तरह खाली थे।
सुबह 4 बजे क्यों चला बुलडोजर?
इस सवाल पर अध्यक्ष प्रतिनिधि ने बताया कि संबंधित क्षेत्र भीड़भाड़ वाला होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सुबह चार बजे कार्रवाई की गई। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है, ताकि किसी प्रकार की स्थिति को लेकर भ्रम न रहे।
अध्यक्ष प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि नियमानुसार की गई इस कार्रवाई को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
फिलहाल डॉक्टर आवासों को गिराए जाने का मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर विधायक ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी ओर नगर परिषद इसे पूर्व में जारी आदेशों का पालन बता रही है। अब देखना होगा कि विधायक की तीन दिन की चेतावनी के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।