भोपाल। मध्यप्रदेश में केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर भाजपा में सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी इस बार मध्यप्रदेश के बाहर के किसी नेता को राज्यसभा भेज सकती है। उम्मीदवार चयन को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें 19 में से 16 सदस्य शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित तीन नेता बैठक में मौजूद नहीं रहे।
बैठक में राज्यसभा उपचुनाव के संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा के बाद चार से पांच नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने पर सहमति बनी। हालांकि, भाजपा ने अभी तक किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
तमिलनाडु की वनथी श्रीनिवासन का नाम चर्चा में
राज्यसभा सीट के लिए तमिलनाडु भाजपा की नेता वनथी श्रीनिवासन का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। वहीं मध्यप्रदेश के नेताओं में पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन अक्टूबर 2026 में इस्तीफा देने के बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब उपचुनाव के जरिए नए सदस्य का चयन किया जाएगा।
229 विधायकों के आधार पर चुनावी गणित
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान में हिस्सा नहीं ले पाने के कारण 229 विधायकों के आधार पर चुनावी गणित देखा जा रहा है। वहीं बीना विधायक निर्मला सप्रे की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। मुरुगन के इस्तीफे से पहले भाजपा के सात और कांग्रेस के तीन सांसद थे। उपचुनाव के बाद रिक्त सीट भरने से प्रदेश का प्रतिनिधित्व फिर 11 सदस्यों का हो जाएगा।
इंदौर, भोपाल और जबलपुर में बड़ी रैलियां करेगी भाजपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि कोर कमेटी की बैठक में राज्यसभा उम्मीदवार चयन के अलावा संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री के पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया।
भाजपा ने श्लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओश् अभियान के तहत इंदौर, जबलपुर और भोपाल में बड़ी रैलियां आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन रैलियों में करीब एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के आयोजन, समान नागरिक संहिता (न्ब्ब्), प्रदेश सरकार के तीन वर्ष के कामकाज और सांसदों-विधायकों की उपलब्धियों को सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
फिलहाल राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सबकी नजर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी है कि पार्टी मध्यप्रदेश के किसी नेता को मौका देती है या दूसरे राज्य के चेहरे पर दांव लगाती है।