BIG NEWS : प्रशासन में कसावट, जनता से जुड़ाव, पॉडकास्ट में सामने आए नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के अनछुए पहलू, वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने साझा किए अनुभव, बोले- मोहन सरकार के विराट कोहली हैं हिमांशु चंद्रा, पढ़े खबर 

June 6, 2026, 8:14 pm




नीमच। डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए वॉईस ऑफ एमपी ने अपने पॉडकास्ट कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस श्रृंखला के पहले एपिसोड में नीमच कलेक्टर आईएएस हिमांशु चंद्रा की कार्यशैली, प्रशासनिक दृष्टिकोण और मानवीय संवेदनाओं पर विशेष चर्चा की गई।  पॉडकास्ट में वॉईस ऑफ एमपी के चीफ रिपोर्टर अब्दुल अली ईरानी के साथ विशेष अतिथि के रूप में बाबजी नेटवर्क के प्रबंध संचालक एवं वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान उन्होंने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के व्यक्तित्व और प्रशासनिक कार्यशैली के कई ऐसे पहलुओं को सामने रखा, जिनसे आमजन कम परिचित हैं। संवेदनशील प्रशासक की पहचान-  वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने बताया कि हाल ही में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण किया था। सामान्यतः ऐसे निरीक्षणों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमियों पर फटकार या अनुशासनात्मक कार्रवाई देखने को मिलती है, लेकिन चंद्रा का दृष्टिकोण अलग नजर आया। उन्होंने कर्मचारियों से सीधे संवाद करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि भीषण गर्मी के बीच उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है। बैठने की व्यवस्था, रोशनी, पंखों और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। यह उनकी संवेदनशील प्रशासनिक सोच को दर्शाता है, जहां व्यवस्था के साथ-साथ कर्मचारियों की सुविधा और मनोबल को भी महत्व दिया जाता है। अनुशासन और प्रशासनिक कसावट- पॉडकास्ट में चर्चा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने कहा कि हिमांशु चंद्रा भले ही अत्यधिक मीडिया-फ्रेंडली नहीं माने जाते हों, लेकिन उनकी कार्यशैली बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में जिले के प्रशासनिक अमले में उल्लेखनीय अनुशासन और कसावट देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर की बैठकों और जनसुनवाई के दौरान अधिकारी पूरी गंभीरता से उपस्थित रहते हैं। स्थिति यह है कि बैठक के दौरान अधिकारी मोबाइल फोन तक देखने से बचते हैं। यह प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही का एक अलग ही उदाहरण है। रात्रि चौपाल बनी जनता से सीधा संवाद- वरिष्ठ पत्रकार हुसैन ने कलेक्टर चंद्रा की सबसे उल्लेखनीय पहल ‘रात्रि चौपाल’ को बताया। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ गांवों में आयोजित होने वाली इन चौपालों में कलेक्टर स्वयं ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर घंटों उनकी समस्याएं सुनते हैं। ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर मौके पर ही समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाता है। चौपालों में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहते हैं, जिससे शिकायतों के त्वरित निराकरण का रास्ता बनता है। कलेक्टर केवल चौपाल आयोजित कर लौट नहीं जाते, बल्कि संबंधित गांव में ही रात्रि विश्राम भी करते हैं। इससे उन्हें ग्रामीण जीवन, स्थानीय परिस्थितियों और आमजन की वास्तविक समस्याओं को नजदीक से समझने का अवसर मिलता है। स्वास्थ्य सेवाओं में दिखाई बदलाव की झलक- चर्चा के दौरान जिला अस्पताल की स्थिति पर भी बात हुई। वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने कहा कि एक समय जिला अस्पताल को रेफरल अस्पताल’ के रूप में देखा जाता था, जहां से बड़ी संख्या में मरीजों को अन्य शहरों के लिए रेफर किया जाता था। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और सीमित चिकित्सकीय स्टाफ के बावजूद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को मजबूत करने के प्रयास हुए हैं और मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप रेफरल मामलों में भी कमी आई है। प्रशासन और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन-  पॉडकास्ट में यह भी चर्चा हुई कि हिमांशु चंद्रा का प्रशासनिक मॉडल केवल नियमों और आदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदनाओं का भी समावेश है। कर्मचारियों से संवाद, ग्रामीणों के बीच रात्रि चौपाल, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और प्रशासनिक अनुशासन- इन सभी पहलुओं ने उन्हें जिले में एक अलग पहचान दिलाई है। खेल के मैदान में भी अव्वल हैं कलेक्टर हिमांशु चंद्रा- वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने पॉडकास्ट में बताया कि नीमच कलेक्टर आईएएस हिमांशु चंद्रा प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ खेलों में भी विशेष रुचि रखते हैं। आमतौर पर लोगों ने उन्हें क्रिकेट खेलते हुए देखा है, लेकिन वास्तव में वे बैडमिंटन के बेहद अच्छे खिलाड़ी हैं। जबकि क्रिकेट को वे मानसिक तनाव कम करने और स्वयं को तरोताजा रखने के लिए खेलते हैं। इसके अलावा उन्हें लॉन टेनिस (टेनिस) खेलना भी पसंद है। मुस्तफा हुसैन कहा कि उन्हें मोहन सरकार की टीम का विराट कोहली भी कहा जाता है। मैदान हो या प्रशासनिक जिम्मेदारी, आईएएस हिमांशु चंद्रा हर क्षेत्र में ऊर्जा और समर्पण के साथ सक्रिय नजर आते हैं। वॉईस ऑफ एमपी के यूट्यूब चौनल पर भी देख सकते हैं.... वॉईस ऑफ एमपी के इस पहले पॉडकास्ट में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के व्यक्तित्व के ऐसे कई आयाम सामने आए, जो आमतौर पर प्रशासनिक खबरों में दिखाई नहीं देते। यह पूरी चर्चा वॉईस ऑफ एमपी के यूट्यूब चौनल तथा केटीवी केबल नेटवर्क के चौनल नंबर 127 पर देखी जा सकती है।

संबंधित समाचार

VOICE OF MP