KHABAR : उज्जैन में चलने हैं बड़े हथौड़े, इसलिए सीएम के घर पर चला छोटा हथौड़ा, पीसी शर्मा का बड़ा वार, शिक्षकों के आंदोलन को दिया समर्थन, पढे़ खबर

September 27, 2026, 4:41 pm




भोपाल। राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। ड्राफ्ट जारी होने पर भोपाल के प्रमुख व्यापारियों ने पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा के निवास पहुंचकर उनका आभार जताया। इस मौके पर पीसी शर्मा ने मास्टर प्लान की खामियों, उज्जैन में सीएम के मकान पर चली कार्रवाई और शिक्षकों के जारी आंदोलन समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। ’31 साल बाद आया मास्टर प्लान, पर कई चीजें आपत्तिजनक’ व्यापारियों के धन्यवाद ज्ञापन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के दौरान 31 साल पहले मास्टर प्लान आया था। बीजेपी की 25 साल की सरकार में यह अटका रहा, जिसके विरोध में उन्होंने 31 घंटे का उपवास रखा था। उन्होंने कहा कि मौजूदा ड्राफ्ट में कई चीजें आपत्तिजनक हैं। इसमें शामिल किए जा रहे 100 गांवों की जो जमीन जाएगी, उसके लिए सरकार के पास क्या योजना है? उन्होंने भोपाल के आम नागरिकों, डॉक्टरों, रहवासियों और व्यापारियों से अपील की है कि दावे-आपत्ति के लिए मिले 1 महीने के समय में अपनी सलाह और आपत्तियां जरूर दर्ज कराएं। उज्जैन चौड़ीकरण पर तंज- “कार्रवाई में न हो भेदभाव” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उज्जैन स्थित पुश्तैनी मकान के हिस्से को तोड़े जाने पर पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, “यह हथौड़ा इसलिए चला है क्योंकि उज्जैन में लंबे हथौड़े चलने वाले हैं।” उन्होंने मांग की कि सीएम और उनकी बहन का घर जितना तोड़ा गया है, आम जनता के साथ भी वैसा ही न्याय और समानता का व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर और जबलपुर का मास्टर प्लान अब तक अटका हुआ है, जिसे जल्द जारी किया जाना चाहिए। TET परीक्षा के खिलाफ शिक्षकों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन भोपाल के नीलम पार्क में TET परीक्षा और ई-अटेंडेंस के खिलाफ चल रहे शिक्षकों के अनिश्चितकालीन धरने का समर्थन करते हुए पीसी शर्मा ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक पिछले 25 सालों से पढ़ा रहे हैं, अब इस उम्र में उनकी परीक्षा लेने का क्या तर्क है? कांग्रेस पार्टी शिक्षकों की जायज मांगों का पूरी तरह से समर्थन करती है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में बेहतर और मजबूती से अपना पक्ष रखे ताकि शिक्षकों का अहित न हो।

संबंधित समाचार

VOICE OF MP