KHABAR : रामगढ़-सिरवेल में वनभाजी उत्सव, आदिवासी परंपरा और प्रकृति संरक्षण का संदेश, पढे़ अबरार पठान की खबर
खरगोन। पाटी ब्लॉक के रामगढ़ और ग्राम सिरवेल में वनभाजी उत्सव आयोजित किया गया। आदिवासी महिलाओं ने जंगल में पारंपरिक रूप से उगने वाली वनभाजियों की पहचान, उनके औषधीय गुण और बनाने की विधि साझा की। सिरवेल में करीब 40 महिलाएं 30 प्रकार की वनभाजियां बनाकर पहुंचीं। कार्यक्रम की शुरुआत याहा मोगी माता और खुपसदेव के पूजन से हुई। पांच पारंपरिक प्रधानों ने पूजन कर बापदेव का आह्वान किया। मार्गदर्शक डॉ. सौरभ मारू ने आदिवासी परंपराओं, सामूहिकता और प्रकृति के साथ सहजीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। रामगढ़ में महिलाओं ने कटला और खाटफूलिए सहित विभिन्न वनभाजियों के गुण बताए और पारंपरिक बीजों के संरक्षण की जानकारी दी। सिरवेल में ग्रामीणों और बच्चों ने वनभाजियों का स्वाद लिया। कुयडे और वस्ते यानी बांस की भाजी को विशेष पसंद किया गया। कार्यक्रम में फलदार पौधों और वनभाजियों के बीज वितरित किए गए। ग्रामीणों ने पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने, आयोजनों में ढोल-मांदल का उपयोग करने और डीजे से बचने का संकल्प भी लिया।