सरवानिया महाराज। चुनावों से पहले बने नाले पर अब विवाद गहरा रहा है। जावद एसडीएम राजेंद्रसिंह के बतौर प्रशासक रहते इंजीनियर दिपक मूवेल की निगरानी मे नीमच सिंगोली सड़क किनारे नाला निर्माण कराया गया था। ये नाला पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने वाली लाईन से रतनलाल चौहरा के निवास से लगाकर युकों बैंक के सामने वाली लाईन मे बनाया गया था।
इंजीनियरिंग की ऐसी कलाकारी इस नाले के निर्माण मे शहरवासियों ने देखी जिसने भी देखी वो दंग रह गया। नाला सड़क की लेवल से उपर बना दिया सड़क निची रह गई तथा इंजीनियर की साफगोई करीब सौ फीट मे ऐसी छलकी की आगे 26 फिट पर नाला बनाया तो पिछे 23 फिट पर। ये तीन फिट का भेदभाव रहवासियों को खटक रहा है और इसकी शिकायत अब लोगों ने जिला कलेक्टर और नगर परिषद सीएमओ सरवानिया से कर कार्यवाही की मांग की है।
इस नाले के निर्माण मे परिषद के इंजीनियर दिपक मुवेल ने एक और खास बात का ध्यान रखा वो खा़स बात यह है की नाले के जस्ट निचे नल योजना की पाईप लाईन हैं और उस पाईप लाईन के उपर ही नाला निर्माण करवा दिया। अब जब कभी भी नल योजना की लाईन डिस्टर्ब होगी तो यंहा क्या स्थिति बनेगी। इसके साथ ही सड़क से उपर बने नाले को अब वापस तौड़कर उसे ठीक किया जा रहा है। नाले को कहीं कहीं खुला छौड़ दिया है, जिसके कारण रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता कैलाशचंन्द्र उंकार लाल सुतार सहित अन्य शिकायतकर्ताओ ने बताया कि शासन के हजारों रुपयों का अध्यक्ष, सीएमओ, इंजीनियर दिपक मूवेल और तात्कालिक कर्ताधर्ताओ ने मिलकर नुकसान कर दिया। कहीं कम और ज्यादा जगह लेकर नाला बनाने का काम कर यंहा भेदभाव की स्थिति पैदा कर दी। शासकीय पैसों के दुरुपयोग की शिकायत पर जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जावे। सीएमओ राजेश गुप्ता ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी का भुगतान रोक दिया है।
अध्यक्ष रुपेंद्र सिंह जैन ने बताया कि मामला चुनावों से पहले का है, जंहा कहीं भी शिकायत मिल रही है परिषद नाला ढकवा रही है।
वहीं इंजीनियर दिपक मूवेल को उनके मोबाइल नबंर पर संपर्क करने कि कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनके मोबाइल की घंटियां भी बज रही है लेकिन काल रिसीव नहीं कर रहे है। बताते है इंजीनियर दिपक मूवेल रतनगढ़ परिषद में पदस्थ है और सरवानिया मे अतिरिक्त प्रभार है और इस वक्त वो छुट्टियों पर है।