चित्तौड़गढ़। अन्नू नाथ जी की जिंदा समाधि स्थल आंतरी माताजी में 18 मार्च शनिवार को पाप मोचिनी ग्यारस को 12 बजकर 15 मिनिट पर अनु नाथ जी जिंदी समाधि स्थल की विशेष पूजा अर्चना अभिषेक के साथ फूलों का श्रृंगार ओर घुघरी महा प्रसाद को भोग लगाकर होगी। फिर सभी भक्तों को महाप्रसाद बांटा जायेगा।
उल्लेखनीय है कि महान योगीराज चेतन्य स्वरूप महाराज श्री अन्नू नाथ जी महाराज की जिंदी समाधी आंतरी माताजी से 1 किमी . दूरी पर स्थित है। हजारों वर्ष पूर्व आज ही के दिन चौत्र वदी ग्यारस पाप मोचिनी ग्यारस के महान दिन महाराज श्री अनु नाथ जी महाराज श्री ने जिंदी समाधि लेकर हरिद्वार तीर्थ स्थल पर भक्तो को जिंदा दर्शन दिए थे। प्राचीन समाधि स्थल पर चने और गेहूं की घुघरी प्रसादी बनाकर महाराज श्री को भोग लगाया जाता है । मान्यता है कि महाराज श्री भक्तो के वचन पर आज भी 24 घंटे इस चेतन समाधि स्थल पर विद्यमान रहते हे और भक्तो की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हे चना और गेहूं की घुघरी महा प्रसाद का बहुत ही चमत्कारी महत्व है। वर्ष में एक बार आज के दिन पाप मोचिनी ग्यारस को समाधि के दर्शन का बहुत महत्व है। जन श्रुति के अनुसार आज के दिन समाधि जिंदी के दर्शन और माथा टेकने से और घुघरी महाप्रसाद लेने से परिवार के सभी लोग निरोगी रहते हे और कोई महामारी नही आती हे धुने की भबुत ओर यहां की मिट्टी और चारा पशु धन को खिलाने से पशुओं में महामारी नहीं आती हे।
साथ ही इस इलाके में रहने वाले आसपास के गांवो में अनु नाथ जी के वचनों से कोई प्राकृतिक आपदा नही आती हे। कहते है अच्छे मन और श्रद्धा और विश्वास के साथ समाधि पर माथा टेक कर जो मांगो वो मिलता है। इस दिन घुघरी प्रसाद और धुने की भबूत लेने से व्यक्ति अकाल मृत्यु नहीं मरता है।
अन्नू नाथ जी जिंदी समाधि स्थल आने का मार्ग
बड़ी आतरी से जल मार्ग बोट नाव किस्ती से आतरी माता जी मंदिर से 1 किमी दूर बाइक और चौपहिया वाहन से आने का मार्ग बाय सड़क मंदसौर जिला मुख्यालय से 40 किमी मंदसौर संजीत मार्ग नापाखेड़ा से होकर अड़ माल्या फांटे से 6 किमी व्याहा आबखेड़ी छोटी आतरी होकर सीधे अन्नू नाथ जी समाधि स्थल पहुंचा जा सकता है।