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March 24, 2023, 11:36 am
BIG NEWS : धरती पर जिंदा हूं साहब मुझे कागजों में भी जिंदा कर दो, दर-दर भटक रहा हूं गरीब हूं साहब कोई तो सुनलो..., पटवारी की एक गलती ने कर दिया योजनाओं के लाभ से पीड़ित को वंचित, पढ़े पीडी बैरागी की खबर 

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मल्हारगढ़। मल्हारगढ़ जनपद पंचायत की नापाखेड़ा पंचायत के नागर पिपलीया गांव में एक ऐसा व्यक्ति रहता है जो घर से गरीब और उम्र दराज है जिसका नाम प्रभुलाल पिता हेमराज खारोल है जो कि धरती पर अपने परिवार के बीच जिंदा तो है पर कागजों में पटवारी द्वारा मार दिए गए हैं। जिसकी वजह से वो शासन की कई योजनाओं से वंचित हो गए हैं। दर - दर भटक रहे हैं कभी कलेक्टर कार्यालय कभी तहसील कार्यालय कभी जनपद पंचायत तो कभी ग्राम पंचायत हर बार की तरह उनसे बोला जा रहा है के गलती हो गई गलती से टिक लग गया बहुत जल्दी सुधार हो जाएगा। आप घर जाओ ये सिलसिला लगभग डेढ़ साल से चला आ रहा है पर अभी तक सुधार नहीं हुआ। मृत बताने में एक मिनट का समय लगा पर जीवित बताने में डेढ़ साल से ऊपर हो गया। क्या एक गरीब इंसान जिसके पास इतने पैसे भी नहीं है के वो रोज-रोज दफ्तरों के चक्कर काटे उसके साथ कब न्याय होगा। जिसकी भी गलती है क्या वो अब तक किये गए खर्च को वहन करेगा या ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। एक छोटी सी गलती की वजह से एक गरीब व्यक्ति पिछले डेढ़ साल से पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित है। इसकी जवाबदारी कौन लेगा। एक छोटी सी गलती की वजह से एक गरीब बुजुर्ग व्यक्ति पिछले डेढ़ साल अपने आप को जीवित बताने के लिए रोज सुबह से शाम तक दफ्तरों के चक्कर काट काटकर थक चुका है इसकी जिम्मेदारी कोन लेगा। उस बुजुर्ग व्यक्ति ने हर दफ्तर जाकर अधिकारियों के हाथ पैर जोड़े मिन्नतें की कि मुझे जिंदा कर दो, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूं मुझे ये भी नहीं पता के ये गलती किसकी है कहां से इसमें सुधार होगा।
जिसने जहां की बोला में वहां गया पर कोई सुन नहीं रहा है बस ये ही बोल रहे हैं ये हमारा काम नहीं है आप वहां जाओ, यहां जाओ ये सिलसिला पिछले डेढ़ साल से जारी है। बुजुर्ग व्यक्ति ने तो ये तक बोल दिया के कागजो में तो मार ही दिया है अब हकीकत में भी मार दो ताकि मुझे रोज-रोज के भटकने से छुटकारा मिले।
खेर गलती किसी की भी हो पर इसका खामियाजा तो एक गरीब बुजुर्ग व्यक्ति भुगत रहा है बाकी किसी को कोई फर्क नही पड़ता है। खेर सबको पता है गरीबो की नही यहाँ पैसे वालो की सुनी जाती है बुजुर्ग व्यक्ति के पास पैसे नही है तभी डेढ़ साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा है अगर पैसे होते तो शायद कबका काम हो जाता।
अब देखने वाली बात होगी के एक गरीब बुजुर्ग व्यक्ति धरती पर जिंदा आदमी प्रभुलाल पिता हेमराज खारोल जो कि नागर पिपलीया के निवासी है कागजो के कब जिंदा होते है कब उन्हें पीएम किसान सम्माननिधि प्राप्त होती है।
और जिसकी गलती है ऊपर लेवल के अधिकारी उसकी गलती पर उसे कब सजा देते है ताकि आगे से वो कोई भी ऐसी गलती ना करे।

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