भवानीमंडी। मामला शहर के न्यू बस स्टैंड के पास छात्रावास का हे जसके भरोसे माता - पिता अपने बच्चो को शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रावास मे भेजते हे। लेकिन यदि छात्रावास की वार्डन ही छात्राओं के साथ खिलवाड़ करती हे तो क्या हो माता - पिता के भरोसे का। जी हाँ आज हम बात कर रहे हे भवानीमंडी के ही एक ऐसे खेल बाज छात्रावास का जंहा छात्राओं के साथ वार्डन रेखा वर्मा खेल खेल रही हे। बालिकाओं ने बड़ी हिम्मत दिखाकर आज उपखण्ड अधिकारी के नाम ज्ञापन लिखा और बताया की हम 10वीं,11वीं, और 12वीं की छात्राये हे। हम सब सावित्री बाई फुले बालिका छात्रावास में निवासरत व अध्ययनरत हैं। और लगभग वर्तमान में 43 छात्राएं इस छात्रावास में है। इनमें से कुछ दूध लेती है और कुछ चाय लेती है तो जो दूध लेती है उनको तो फिर भी ठीक ठीक दूध मिल जाता है लेकिन जो चाय लेती है उनको चाय के अंदर ज्यादा पानी मिलाकर पिलाया जाता है। इसकी शिकायत जब हमने रसोईये से की तो रसोईया ने छात्रावास की वार्डन रेखा वर्मा को कहा तो वार्डन रेखा वर्मा ने हम शिकायतकर्ता छात्राओं को घर जाने को कह दिया और बोला कि आप वही रहिए और वही से परीक्षा दीजिए। और मामले के बारे में यदि किसी को बताया तो तुम्हें अगले वर्ष इस छात्रावास में एडमिशन नहीं मिलेगा। और तो और किसी कमी को लेकर यदि हम आपस में छात्राएं बात करते हैं तो किसी ना किसी तरीके से यह बात भी वार्डन रेखा वर्मा के पास पहुंच जाती है और हमको प्रताड़ित करती है। बात यही नहीं ख़तम होती है वार्डन रेखा वर्मा की भानेज कलावती हमारे लिए भोजन आने से पहले ही बहुत सारा भोजन अपने लिए व घर के लिए नीकाल लेती है। और कई बार तो राशन भी अपने घर ले जाती है और वार्डन को इस बात को पता है। लेकिन वो रिश्तेदारी की वजह से कुछ नहीं बोलती है।और यहां की छात्राएं वार्डन रेखा वर्मा के व्यवहार से कोई भी प्रसन्न नहीं है। अतः उपखंड अधिकारी से निवेदन है कि वार्डन रेखा वर्मा से सही बात स्वीकार करवाएं। और हो सके तो इस छात्रावास से वार्डन को चेंज किया जाए। हम परीक्षा के दिनों में तनाव नहीं चाहती हैं। जल्द से जल्द इस मामले का निस्तारण हो।
इस मामले मे मिडिया ने जब छात्रावास वार्डन रेखा वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया की यहाँ गुटबाजी चल रही हे। कुछ छात्राएं बाहर घर पर ही रहती हे। तो वो उनका खाना यंहा नहीं खाकर घर ले जाती हे और तो और मिडिया को ये मैडम बता रही हे की मेने इस गुटबाजी को लेकर क़ई बार 1साल से छात्राओं को समझा रही हूँ लेकिन वो समझ ही नहीं रही हे। और तो और चाय भी मेने चालू की हे छात्राओं के कहने पर। मैडम जी ने तो ज्यों का त्यों ही जवाब दे दिया की ये लड़किया रामटी की लड़कियों को परेशान करती हे और अनाब - शनाब भी बोलती हे। और छात्रावास मे रहने वाली 43 छात्राओं मे से मात्र 30 लड़किया ही इस छात्रावास मे रहती हे। बाकी की आती - जाती रहती हे ये बोलवाचन हे वार्डन रेखा वर्मा का जो खुद बॉल रही हे की कुछ छात्राएं यहाँ नहीं रहती हे तो मामले मे सामने आया हे की खुद वार्डन रेखा वर्मा ही छात्रावास के नियमों की धड़ल्ले से धज्जिया उड़ा रही हे।