नीमच। मां भादवामाता मालवा की वैष्णोदेवी के नाम से पहचानी जाती है। यहां माता के दर्शन करने लिए श्रद्धालु देश सहित विदेश से भी पहुंचते हैं। क्योंकि यहां का पानी अमृत माना जाता है, जिससे लकवे और चर्म रोगियों को काफी फायदा होता है। वैसे तो सालभर ही भक्त माता के दर्शन करने आते हैं। लेकिन नवरात्रि में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों की तादाद में रहती है। आज 29 मार्च को अष्टमी मनाई जाएगी। देर शाम तक हजारों की संख्या जिले भर के पदयात्री पहुंचेंगे माता के दरबार।
भादवामाता में मंदिर के समीप ही अमृत कुंड के नाम से एक कुंड है,इसी कुंड का पानी अमृत माना जाता है, कहते हैं यहां के पानी का उपयोग चर्म रोग व लकवे से पीडि़त लोग करते हैं, तो उन्हें काफी फायदा होता है, यही कारण है कि माता के दरबार में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आरोग्य की इच्छा लेकर आते हैं। जिससे उन्हें फायदा भी पहुंचता है। खास बात तो यह है कि यह पानी भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है, जिसे नित्य लगाने या नहाने से दिनों दिनों चर्म रोग और लकवे की समस्या से निजात मिलने लगती है।